
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस बार मिस्र भागीदार राष्ट्र के तौर पर अपनी प्राचीन कला, पिरामिड संस्कृति और आधुनिक विरासत प्रस्तुत करेगा। वहीं, उत्तर प्रदेश और मेघालय थीम राज्यों के रूप में कला और व्यंजन प्रदर्शित करेंगे।
इसके लिए पर्यटन विभाग ने केंद्रीय मंत्रालयों के साथ तैयारियां तेज कर दी हैं। विदेश मंत्रालय ने कई देशों को सांस्कृतिक और शिल्प भागीदारी के निमंत्रण भेज दिए हैं।
हालांकि, आयोजक इस बार मेले को और भव्य बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। थीम राज्यों और भागीदार राष्ट्र के लिए विशिष्ट क्षेत्र और स्टाल तय किए जाएंगे, ताकि कारीगर अपनी कला सीधे पर्यटकों तक पहुंचा सकें।
इसी बीच, 1000 से अधिक स्टालों की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सांस्कृतिक कार्निवल मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसमें विदेशी कलाकार प्रतिदिन नृत्य और संगीत प्रस्तुत करेंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...