चंडीगढ़/पंचकूला। ऑर्डर में तय मात्रा से कम संतरे देने पर ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी स्विगी की मुश्किलें बढ़ गईं। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, चंडीगढ़ ने कंपनी और इसकी क्विक-कॉमर्स सेवा इंस्टामार्ट को 2 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। यह आदेश पंचकूला के सेक्टर 11 निवासी अधिवक्ता राजा विक्रांत शर्मा की शिकायत पर दिया गया।
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क्या थी शिकायत
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 30 दिसंबर 2024 को स्विगी इंस्टामार्ट के ज़रिए नेस्ले क्लासिक मिल्क चॉकलेट और 1 किलो नागपुर संतरे का ऑर्डर किया था। इसके साथ उन्होंने 28.61 रुपये हैंडलिंग चार्ज भी चुकाया, ताकि डिलीवरी समय पर और सुरक्षित हो। लेकिन डिलीवरी के वक्त संतरे का पैकेट फटा हुआ था और वजन सिर्फ 824 ग्राम निकला। इतना ही नहीं, ऑर्डर की कोई बिल कॉपी भी नहीं दी गई।
स्विगी की सफाई
कंपनी ने आयोग के सामने कहा कि वह केवल ग्राहकों और स्वतंत्र विक्रेताओं के बीच एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करती है।
उत्पाद की मात्रा या गुणवत्ता से उसका कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए उस पर जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।
आयोग का फैसला
आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता द्वारा दी गई तस्वीर में पैकेट फटा हुआ और वजन 824 ग्राम लिखा दिख रहा है, जो वादा की गई मात्रा से कम है। आयोग ने माना कि स्विगी की ओर से शिकायत पर कोई कार्रवाई न करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है।
इस आधार पर आयोग ने स्विगी लिमिटेड और इंस्टामार्ट को आदेश दिया कि वे शिकायतकर्ता को 2,000 रुपये मुआवजा दें, जिसमें मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमे का खर्च शामिल है।

