
सोनीपत। ताइक्वांडो को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से दक्षिण कोरिया से आए तकनीकी विशेषज्ञ वांगली ने भारत में आयोजित प्रतियोगिता को खेल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता ताइक्वांडो के प्रचार-प्रसार की मजबूत शुरुआत है और भविष्य में इससे अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध मजबूत करने का प्रभावी साधन है। भारत के युवाओं में ताइक्वांडो के प्रति बढ़ती रुचि को सकारात्मक संकेत बताते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अधिक प्रतियोगिताओं और बेहतर गुणवत्ता के आयोजन से इस खेल का स्तर और ऊंचा होगा।
उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी प्रशिक्षण से भारतीय खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सोनीपत। हरियाणा ताइक्वांडो परिवार से जुड़े वरिष्ठ खेल पदाधिकारी जितेंद्र मलिक ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ताइक्वांडो केवल एक खेल नहीं बल्कि आत्मरक्षा और अनुशासन का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उनके व्यक्तित्व का समग्र विकास करता है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाओं को आगे लाने में प्रशिक्षकों और आयोजकों का विशेष योगदान है। खेल के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, संयम और सकारात्मक सोच विकसित होती है, जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने दक्षिण कोरिया और भारत के बीच ताइक्वांडो के बढ़ते संबंधों को खेल जगत के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उनका मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से हरियाणा और देश के खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर पहचान और अवसर प्राप्त होंगे।
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