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ग्लोबल वार्मिंग से उत्पन्न खतरे का मुकाबला करने के लिए हमें कहा ‘एक बूंद भी नहीं छोड़ेंगे

April 30, 2025

ग्लोबल वार्मिंग से उत्पन्न खतरे का मुकाबला करने के लिए हमें कहा ‘एक बूंद भी नहीं छोड़ेंगे

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गाय के प्रति श्रद्धा भारतीय संस्कृति का सार है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जीवन की खुशहाली के लिए गाय पालन और सेवा का बहुत महत्व रहा है। हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले ही घोषणा कर दी थी कि गाय की रक्षा से ही मानवता का कल्याण संभव है।

आज जब पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और नैतिक मूल्यों के क्षरण से जूझ रहा है, ऐसे में हमें अपनी परंपराओं की ओर लौटने की जरूरत है और इस यात्रा का पहला कदम गौ सेवा है, यह बात नायब सिंह सैनी ने होडल में गौ सेवा धाम अस्पताल द्वारा अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही।

अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने गौ सेवा धाम में नए टिन शेड का उद्घाटन किया तथा पूरे परिसर का दौरा भी किया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि अक्षय तृतीया एक पवित्र दिन है जिसका पुण्य कभी कम नहीं होता, इसी प्रकार गाय की सेवा का पुण्य भी अनंत है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और इसका न केवल धार्मिक महत्व है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय तृतीया सनातन धर्म की महान परम्पराओं का उत्सव है तथा यह सर्वकल्याण की भावना का प्रतीक है।

विश्व संकीर्तन यात्रा ट्रस्ट की सराहना करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि ट्रस्ट ‘गौ और मानव सेवा’ में सराहनीय कार्य कर रहा है, जिससे गौ सेवा एक जीवंत आंदोलन बन गई है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा धाम सेवा का तीर्थ बन गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ पशुओं का इलाज और देखभाल की जाती है।

इस अवसर पर नायब सिंह सैनी ने गौ सेवा धाम अस्पताल को 21 लाख रुपए देने की घोषणा की तथा आश्वासन दिया कि गौ सेवा धाम अस्पताल द्वारा प्रस्तुत मांगों को विभागीय प्रक्रिया के तहत पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में राज्य सरकार ने गौ सेवा के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में सरकार ने गायों की रक्षा के लिए हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन अधिनियम लागू किया था।

इस अधिनियम में गौहत्या के लिए 10 वर्ष तक के कारावास तथा गौतस्करी के लिए 7 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।

उन्होंने आगे बताया कि चालू वित्त वर्ष के बजट में गौशालाओं के लिए 595 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। 2014 में हरियाणा में केवल 215 पंजीकृत गौशालाएं थीं, जिनमें 1.74 लाख मवेशी थे।

आज 4 लाख आवारा पशुओं के लिए 683 पंजीकृत गौशालाएं हैं। पिछले 10 वर्षों में सरकार ने पंजीकृत गौशालाओं को चारा अनुदान के रूप में 270 करोड़ रुपए दिए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में 608 गौशालाओं को चारे के लिए 166 करोड़ रुपए दिए गए थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोई भी गाय निराश्रित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने गांव नैन (पानीपत), गांव ढंढूर (हिसार) तथा पंचकूला में तीन गौ अभ्यारण्य स्थापित किए हैं।

इनमें शेड, पानी और चारे की व्यवस्था है और वर्तमान में लगभग 6,500 आवारा मवेशी हैं।

उन्होंने कहा कि लगभग 400 शेड और चारा गोदामों के निर्माण के लिए 35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा पंचायतों से प्राप्त गौ-चारण भूमि भी गौशालाओं को आवंटित की जा रही है।

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