रेवाड़ी। पुलिस की ओर से जब्त की गई एक मोटरसाइकिल को कोर्ट के आदेश पर छोड़ने के मामले में बवाल हो गया। इस बाइक को छोड़ने की एवज में चौकी इंचाज और एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
ले रहे थे सात हजार रुपये रिश्वत
एसीबी की ओर से पकड़े कुंड चौकी के इंचार्ज योगेश कुमार और वहां तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर कुलदीप को सात हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह घूस एक जब्त की गई मोटरसाइकिल को कोर्ट के आदेश के बावजूद छोड़ने के बदले मांगी गई थी। पकड़े गए दोनों पुलिसकर्मियों को आज न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। इस पूरे भ्रष्टाचार का खुलासा नांधा गांव के रहने वाले श्रवण कुमार की शिकायत के बाद हुआ। श्रवण कुमार ने एसीबी को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि एक मामले में पुलिस ने उनकी बाइक को जब्त कर लिया था।
अदालत से करा ली थी सुपरदारी
उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अदालत से अपनी बाइक की सुपरदारी करवा ली थी। आरोप है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी कुंड चौकी की पुलिस उन्हें उनकी गाड़ी नहीं लौटा रही थी और इसे सौंपने के एवज में सात हजार रुपये की अनुचित मांग कर रही थी। अपनी बात को साबित करने के लिए शिकायतकर्ता ने एसीबी की टीम को बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुनाई। पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद गुरुग्राम एसीबी की टीम ने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया।
एसीबी की टीम ने की कार्रवाई
गुरुवार की देर शाम श्रवण कुमार सात हजार रुपये नकद लेकर कुंड चौकी पहुंचे जैसे ही एएसआई कुलदीप ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की यह रकम अपने हाथों में ली, पहले से ही मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच के बाद घूस की मांग करने में शामिल चौकी इंचार्ज योगेश कुमार को भी टीम ने तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। इस पूरी घटना के तार पिछले महीने हुई एक चोरी की वारदात से जुड़े हुए हैं।
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