Last Updated: September 22, 2026

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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कुंटिया की प्रधानगी को लेकर घमासान, कार्यालय में हुआ हंगामा

July 16, 2026

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कुंटिया की प्रधानगी को लेकर घमासान, कार्यालय में हुआ हंगामा

कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय नॉन-टीचिंग कर्मचारी संघ (कुंटिया) की प्रधानगी को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को उस समय खुल कर सामने आ गया, जब दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कुंटिया कार्यालय में प्रधान पद को लेकर हुए विवाद के दौरान जम कर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस और विश्वविद्यालय का सुरक्षा स्टाफ मौके पर पहुंचा। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह नीलकंठ शर्मा अपने समर्थक कर्मचारियों के साथ कुंटिया कार्यालय पहुंचे और प्रधान की कुर्सी पर बैठ गए। इसकी सूचना मिलते ही रजवंत कौर भी कार्यालय पहुंचीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रजवंत कौर ने नीलकंठ शर्मा को कुर्सी से उठाने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई और माहौल तनावपूर्ण बन गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और विश्वविद्यालय का सुरक्षा स्टाफ मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का प्रयास किया। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। गौरतलब है कि कुंटिया की प्रधानगी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद नॉन-टीचिंग कर्मचारियों का एक वर्ग चुनाव कराने की मांग कर रहा था।

चुनाव नहीं होने पर गत माह नीलकंठ शर्मा गुट ने बैठक कर अपनी नई कार्यकारिणी का गठन किया, जिसमें नीलकंठ शर्मा को प्रधान, जुगा लाल को वरिष्ठ उपप्रधान, नरेश कुमार नरसी को उपप्रधान, वकील चंद रंगा को महासचिव, जोगी राम को सह सचिव, संजय यादव को प्रेस सचिव तथा अर्जुन सिंह को कोषाध्यक्ष घोषित किया गया। वहीं दूसरी ओर, रजवंत कौर गुट ने भी बैठक आयोजित कर रिक्त पदों पर अस्थायी समायोजन के तहत नई जिम्मेदारियां सौंपीं। इसमें जगदीश खनोदा को महासचिव, विनोद कुमार को सह सचिव, डॉ. सतीश कुमार को प्रेस सचिव, चंद्रपाल को वरिष्ठ उपप्रधान, राकेश कुमार को उपप्रधान तथा विकास कांटीवाल को कोषाध्यक्ष बनाया गया।

रजवंत कौर का कहना है कि पिछले साल फरवरी में कुंटिया के चुनाव हुए थे। इसमें उसको 435 वोट मिले थे। उन्होंने प्रतिद्वंदी नीलकंठ शर्मा को 21 वोटों से हराया था। नीलकंठ शर्मा को 414 वोट मिले, जबकि रामकुमार गुर्जर 322 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। प्रधान पद के लिए कुल 1241 में से 1185 मत पड़े थे, जिनमें से 14 मत रद्द हुए। ये पहला मौका था जब किसी महिला को कुंटिया की प्रधान का पद मिला था। उधर, नीलकंठ शर्मा ने बताया कि उनको पिछले महीने 3 जून को सर्वसम्मति से कुंटिया का प्रधान चुना गया था। आरोप लगाया कि रजवंत की टर्म पूरी हो चुकी थीं। आज वे अचानक आईं और जबरदस्ती कुर्सी से खींचने की कोशिश की।

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