अंबाला। प्रदेश में कलेक्टर रेट अपडेट नहीं होने से रजिस्ट्री का काम अटक गया है। सात अप्रैल की शाम तक भी ये अपडेट नहीं हो पाए थे। सात दिनों में हजारों से ज्यादा रजिस्ट्री लंबित हैं और लोग तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं।
मंगलवार को भी लोग रजिस्ट्री और अन्य काम कराने तहसील पहुंचे, लेकिन उदास लौटना पड़ा। आज हालात ये हैं कि पिछले सात दिनों से एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। सुबह से ही लोग तहसील कार्यालयों में पहुंच रहे हैं और घंटों इंतजार करने के बाद खाली हाथ लौट रहे हैं।
लोगों का कहना है कि वे अपने जरूरी काम छोड़कर तहसील पहुंचते हैं, लेकिन यहां आकर पता चलता है कि कलेक्टर रेट अपडेट नहीं हुए हैं। इसके चलते न केवल समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। रजिस्ट्री कराने आए मोहन ने कहा कि प्रशासन को कलेक्टर रेट अपडेट करने का कार्य पहले ही पूरा कर लेना चाहिए था। अब लोग दिनों से तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। पवन का कहना है कि यदि रेट अपडेट नहीं हुए थे, तो इसकी सूचना पहले ही सार्वजनिक कर दी जानी चाहिए थी। हम अपना काम छोड़कर आते हैं, लेकिन यहां आकर पता चलता है कि रजिस्ट्री ही नहीं हो रही।
रजिस्ट्री ठप होने का असर अब आम लोगों के साथ-साथ प्रॉपर्टी कारोबार पर भी साफ दिखने लगा है। जिन लोगों ने जमीन या मकान की खरीद-फरोख्त के लिए समय तय कर रखा था, उनके सौदे अटक गए हैं। कई मामलों में भुगतान और अन्य औपचारिकताएं भी अधर में लटक गई हैं।
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