नई दिल्ली: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए JPSC की 11वीं और 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों और परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। इस आदेश से उन नए नियुक्त अधिकारियों को राहत मिली है, जिन्होंने सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
यह मामला नए नियुक्त अधिकारियों की ओर से दायर अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया। मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन ने की। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा।
44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने JPSC और JSSC की ओर से आयोजित कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की सूची जारी की थी। इन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। रद्द की गई परीक्षाओं में ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर, सिविल जज, एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण पदों की भर्ती परीक्षाएं शामिल थीं। इसके अलावा सरकारी पॉलिटेक्निक में लेक्चरर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट समेत कई प्रशासनिक और तकनीकी पदों की परीक्षाएं भी इस सूची में शामिल थीं।
सरकार ने क्यों रद्द की थीं परीक्षाएं?
राज्य सरकार का कहना था कि JPSC की ओर से आयोजित और TDPL के माध्यम से कराई जा रही कुछ परीक्षाओं में गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं। CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने संबंधित परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गड़बड़ियों को रोकने के लिए कई कदम उठाने की घोषणा भी की थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि सरकार ने TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) से जुड़ी गतिविधियों को खत्म करने का फैसला किया है। इसमें आयोजित परीक्षाएं, जारी किए गए परिणाम और चयनित उम्मीदवारों से जुड़ी प्रक्रिया भी शामिल थी। इसके साथ ही राज्य कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए थे।
छात्रों ने किया था विरोध
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। सरकार की ओर से उनकी मांगों को मानने के बाद उम्मीदवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला। अभ्यर्थियों ने जयपाल सिंह स्टेडियम में जश्न मनाया था। हालांकि, अब JPSC की 11वीं और 13वीं परीक्षा से जुड़े नियुक्त अधिकारियों की याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा सरकार के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आगे की स्थिति कोर्ट में होने वाली सुनवाई और राज्य सरकार के जवाब के बाद स्पष्ट होगी।

