Last Updated: October 1, 2026

Dainik Savera Times Logo

वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा से बनेगा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज : धनी राम शांडिल*

October 1, 2026

वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा से बनेगा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज : धनी राम शांडिल*

वरिष्ठजनों के अनुभव और युवाओं की ऊर्जा से बनेगा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज : धनी राम शांडिल* अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर गेयटी थियेटर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि वरिष्ठजनों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की थीम “दीर्घायु का युग: वृद्धावस्था के लिए प्रणालियों पर पुनर्विचार” है। इसका उद्देश्य वृद्धजनों की देखभाल के साथ-साथ उन्हें समाज में सक्रिय एवं सम्मानजनक योगदान के अवसर उपलब्ध करवाना है। *12 वृद्धाश्रम, 22 डे-केयर सेंटर और 5 वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र* मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेसहारा वृद्धजनों की देखभाल एवं संरक्षण के लिए 12 वृद्धाश्रम, 22 डे-केयर सेंटर और 5 वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें वृद्धजनों को आवास, भोजन, चिकित्सा और मनोरंजन सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 6.62 लाख वरिष्ठ नागरिकों को बिना आय सीमा के सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। इस पर लगभग 1,400 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय किए जा रहे हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में 99,779 नए वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है। वृद्धजनों के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रदेश में माता-पिता भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम के प्रावधान लागू हैं। वरिष्ठजनों की शिकायतों एवं घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों के निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर 14567 उपलब्ध है। *वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान* डॉ. शांडिल ने कहा कि विभाग द्वारा वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, निःशुल्क चिकित्सा एवं ऑपरेशन के साथ-साथ डिमेंशिया जैसी समस्याओं के संबंध में जागरूकता एवं जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अकेलेपन और सामाजिक अलगाव को कम करने के लिए युवाओं और वरिष्ठजनों को साथ जोड़कर अंतर-पीढ़ीगत संवाद एवं गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। *बच्चों को नशे से दूर रखने में वरिष्ठजनों की भूमिका महत्वपूर्ण* कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करने पर भी विशेष बल दिया गया। डॉ. शांडिल ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है और इंसान का जन्म बड़ी मुश्किल से मिलता है। इसलिए हमें अच्छे कर्म करने, मानवता की सेवा करने और सकारात्मक मूल्यों के साथ जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसलिए नशे के खिलाफ खुलकर जागरूकता पैदा करना और समय रहते बच्चों को सही दिशा देना आवश्यक है। उन्होंने वरिष्ठजनों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को छोटी उम्र से ही रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ें। बच्चों को सितार, तबला और अन्य वाद्य यंत्र सीखने, खेलकूद, विज्ञान, कला, पर्वतारोहण, साहसिक खेलों तथा अन्य रुचिकर गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मकता और सकारात्मक सोच विकसित होगी तथा वे नशे जैसी घातक प्रवृत्तियों से दूर रह सकेंगे। *तकनीक का सदुपयोग और साइबर सुरक्षा जरूरी* उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन ठगी से वरिष्ठजनों को सावधान रहने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी अपने बुजुर्गों को तकनीक के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारा उद्देश्य ऐसा समाज बनाना है, जहां वरिष्ठजनों को बोझ नहीं, बल्कि अनुभव, ज्ञान और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्रोत माना जाए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा मिलकर एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सभी अभिभावकों और वरिष्ठजनों से आह्वान किया गया कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें, उन्हें समय दें और उनके भविष्य के लिए सही दिशा दिखाएं। वरिष्ठ नागरिक हमारे परिवारों की नींव, समाज की धरोहर और आने वाली पीढ़ियों के मार्गदर्शक हैं। उनका अनुभव और ज्ञान हमारे लिए अमूल्य है। आज आवश्यकता केवल लंबा जीवन जीने की नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और गरिमा के साथ जीवन जीने की है। बदलती जीवनशैली और संयुक्त परिवारों में कमी के कारण वरिष्ठ नागरिकों को अकेलेपन का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उनके साथ समय बिताना, उनकी बातें सुनना और उनके अनुभवों को महत्व देना हम सभी की जिम्मेदारी है। मैं युवाओं से विशेष आग्रह करता हूं कि वे अपने घर के बुजुर्गों के लिए समय निकालें और उनके अनुभवों से सीखें। हमारा विभाग वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सुमित खिमटा निदेशक ईसोमसा ने स्वागत भाषण में कहा कि हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हर्षोल्लास से मनाया जाता है। समाज का महत्वपूर्ण अंग बुजुर्ग है। वृद्धजनों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं विभाग की ओर से चलाई जा रही है। कार्यक्रम में समापन भाषण डॉ भावना अतिरिक्त निदेशक ईसोमसा ने दिया। इस मौके पर जयश्वरी कला मंच , स्वयं सहायता समूह चौपाल, कोटशेरा कॉलेज, हेल्प एज इंडिया के सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इसके साथ ही डा राजेश कुमार राज्य प्रमुख हेल्प एज इंडिया ने वृद्धजनों की मांगों को लेकर और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन विभाग के तहत बुजुर्गों की देखभाल और पैलेटिव केयर पर जानकारी रखी। कार्यक्रम के दौरान Walkathon का आयोजन किया गया। इसके साथ विभिन्न सहायता समूहों की ओर से स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए हुए थे। *इन्हें किया गया सम्मानित* कार्यक्रम में उत्तम सिंह कश्यप, गोविंद राम भारद्वाज, ब्रजेंद्र सिंह पंवार, आस्था वेलफेयर नाहन, सरदार त्रिलोक नाथ सिंह, मेहर चंद शुक्ला, खंड वृद्धजन फेडरेशन, आदर्श स्वयं सहायता समूह, बुशहर विकलांग स्वयं सहायता समूह, राधे कृष्ण स्वयं सहायता समूह और कृष्णा स्वय सहायता समूह को मुख्यातिथि ने समाज में बेहतरीन कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें