Last Updated: September 25, 2026

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आईजीएमसी में कैंसर के रोगी की इंजेक्शन न मिलने से हुई मौत

January 17, 2025

आईजीएमसी में कैंसर के रोगी की इंजेक्शन न मिलने से हुई मौत

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के एक कैंसर रोगी की मौत के बाद मामला सीएम (मुख्यमंत्री) हेल्पलाइन में पहुंच गया है। सीएम हेल्पलाइन को दी शिकायत में परिजनों ने इंजेक्शन न मिलने से रोगी की मौत होने का आरोप लगाया है।

कैंसर रोगी हिमकेयर योजना के तहत पंजीकृत था, लेकिन अस्पताल में रोगी को इंजेक्शन नहीं मिला। बीते माह रोगी की मौत हो गई थी। रोगी की बेटी जाह्नवी शर्मा ने सीएम हेल्पलाइन पर इस संबंध में शिकायत की है। आरोप है कि हिमकेयर में पंजीकृत होने और उसमें राशि होने के बावजूद उसके पिता देवराज को इंजेक्शन नहीं मिला। जाह्नवी ने सीएम हेल्पलाइन पर इस कोताही के लिए जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।

सीएम हेल्पलाइन में दी शिकायत में बेटी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को आईजीएमसी के डॉक्टर ने 13 नवंबर को एक जरूरी इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा था। आईजीएमसी प्रबंधन के बार-बार चक्कर काटने के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिला। इंजेक्शन की कीमत करीब 50 हजार रुपये थी। परिवार की आर्थिक हालत इतनी अच्छी नहीं है कि वह इंजेक्शन खरीद पाए। लिहाजा तीन दिसंबर को उनके पिता की मौत हो गई।

मरीज की बेटी जाह्नवी ने शिकायत में कहा है कि उनका परिवार हिमकेयर में पंजीकृत है और उसमें उपचार के लिए धनराशि भी थी। उन्होंने बताया कि जब पिता की मौत हो गई तो उसके कुछ दिन बाद फोन आया कि इंजेक्शन आ गया है। जाह्नवी ने सीएम हेल्पलाइन में मुख्यमंत्री सुख¨वदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि इस मामले में कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएं।

जाह्नवी ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज उनकी शिकायत बीएमओ मशोबरा को चली गई। इसके बाद बीएमओ कार्यालय से उन्हें फोन आया उसमें कहा गया कि आईजीएमसी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और यह शिकायत उनके पास गलत आई है। उपचार में डॉक्टर की कोताही होती तो इस पर कार्रवाई हो सकती थी, लेकिन हिमकेयर में उपचार न मिलने का मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ऐसे में अब तक इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जाह्नवी ने बताया कि अब हेल्पलाइन से शिकायत को बिना कोई कार्रवाई किए हटा दिया है। अब जब भी वह शिकायत लिखवाने की कोशिश करती हैं तो सीएम हेल्पलाइन से किसी का फोन आ जाता है कि जल्द ही आपकी शिकायत को दर्ज करेंगे।

इस बीच आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने कहा,‘‘योजना के तहत दी जाने वाली राशि का मामला सरकार के ध्यान में लाया गया है। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धनराशि जारी कर दी है जो कि जल्द मिल जाएगी।’’ सं.संजय

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