नई दिल्ली: बैद्यनाथ आयुर्वेद, झांसी ने हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती और दूरस्थ गांवों में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की बड़े पैमाने पर खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय सेना एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धतियों को पुनर्जीवित करना, सतत कृषि को प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करना है। आयुष विभाग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जबकि भारतीय सेना जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में सहयोग करेगी।
बैद्यनाथ आयुर्वेद उच्च गुणवत्ता वाले बीज अथवा पौध उपलब्ध कराने, सुनिश्चित खरीद की व्यवस्था करने तथा आयुर्वेदिक मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी निभाएगा। ये समझौता शिमला में भारतीय सेना की ओर से कर्नल टीएसके सिंह, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आयुष निदेशक रोहित जम्वाल तथा बैद्यनाथ आयुर्वेद, झांसी की ओर से शैलेश शर्मा द्वारा औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, आयुष मंत्री यादविंदर गोमा सहित अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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