Last Updated: October 23, 2026

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कानून और तकनीक के तालमेल से संवरेगा वकीलों का भविष्य

October 23, 2026

कानून और तकनीक के तालमेल से संवरेगा वकीलों का भविष्य AI Skills Will Shape the Future of Legal Practice : शिमला। राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 का आगाज, पांच से अधिक राज्यों के 30 से ज्यादा प्रतिभागी ले रहे हिस्सा; विधि विशेषज्ञों ने तकनीक, तार्किक क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को बताया सफल वकालत की कुंजी।
ये बात हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के विधि विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कही। दो दिवसीय राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में पांच से अधिक राज्यों के 30 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य विधि के विद्यार्थियों को न्यायालयीन कार्यवाही की व्यावहारिक समझ प्रदान करना और उन्हें कानून के सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), शिमला की कुलपति प्रो. डॉ. प्रीति सक्सेना ने कहा कि विधि शिक्षा का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना भी है। मूट कोर्ट विद्यार्थियों को दूसरों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रशिक्षित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि कानून की डिग्री के बाद विद्यार्थियों के सामने करियर के अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं। एक सफल वकील बनने के लिए विचारों में स्पष्टता, तार्किक क्षमता और विवेकपूर्ण दृष्टिकोण आवश्यक हैं। उन्होंने विधि के विद्यार्थियों और वकीलों के लिए नियमित अध्ययन और पठन-पाठन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें बदलती तकनीक और नए नवाचारों से भी लगातार अपडेट रहना चाहिए। विधि विभाग के डीन एवं चेयरमैन प्रो. डॉ. ललित डडवाल ने अतिथियों, प्रतिभागियों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और एक-दूसरे से सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विधि के सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को इस अवसर का भरपूर लाभ उठाना चाहिए, ताकि यह अनुभव उनके लिए यादगार और ज्ञानवर्धक बन सके। एचपीयू के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के आयोजन के लिए विधि विभाग को शुभकामनाएं दीं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कानून और तकनीक के बदलते परिदृश्य में विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का निरंतर विकास करना होगा। कानून की मजबूत व्यवस्था समाज को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. रमेश वर्मा ने अतिथियों, प्रतिभागियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता के आयोजन में यूआईएलएस के निदेशक प्रो. डॉ. शिव कुमार डोगरा, प्रो. उमेश कुमार, डॉ. शालिनी कश्मीरिया, डॉ. साशा चौहान, डॉ. अभिषेक नेगी, डॉ. गीतिका सूद और डॉ. वंदना ने भी योगदान दिया। इस अवसर पर यूआईएलएस के शिक्षकगण, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, शिमला के प्रतिष्ठित अधिवक्ता, विधि विभाग के शोधार्थी और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।

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