हिमाचल डेस्क : देशभर में साइबर अपराधी लगातार नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को ठगने में जुटे हुए हैं। अब उन्होंने लोक अदालत के भरोसेमंद नाम का सहारा लेकर एक नई ठगी शुरू कर दी है। हाल ही में बिलासपुर पुलिस के पास ऐसी कई शिकायतें आई हैं, जिनमें लोगों को फोन कर बताया जाता है कि उनके वाहन का चालान बकाया है और इसे निपटाने के लिए उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं। ठग खुद को अधिकृत व्यक्ति बताकर चालान निपटाने में “मदद” करने की बात कहते हैं और धीरे-धीरे पीड़ित से ऑनलाइन भुगतान करवा लेते हैं।
कई मामलों में अपराधी व्हाट्सऐप या एसएमएस पर नकली लिंक और क्यूआर कोड भेजते हैं, जिन्हें सरकारी साइट बताकर पेमेंट करवाया जाता है। लोक अदालत का नाम सुनते ही लोग इसे आधिकारिक प्रक्रिया मान बैठते हैं और इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठग बड़ी आसानी से रकम ऐंठ लेते हैं।
बिलासपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह नई ठगी तेजी से फैल रही है और जनता को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी विभाग फोन पर चालान भुगतान नहीं करवाता, न ही किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने की सलाह देता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह का कॉल करे तो तुरंत बातचीत बंद करें, कोई भी भुगतान न करें और इसकी सूचना 112 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वाहन चालान की स्थिति केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही चेक करें और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या क्यूआर कोड से दूरी बनाकर रखें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।