
शिमला : हिमाचल प्रदेश में चिट्टा अब सिर्फ कानून व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि मां-बाप के सपनों और परिवारों की खुशियों का कातिल बनता जा रहा है। नशे की लत किस हद तक इंसान को गिरा सकती है, इसका ताजा उदाहरण सोलन जिले से सामने आया है, जहां तीन युवकों ने चिट्टा खरीदने के लिए अपनी मां की सोने की बालियां तक बेच दीं। हूंआ यूं कि 13 जनवरी को कंडाघाट पुलिस ने शिमला जिले के तीन युवकों को 11 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में जो सच्चाई सामने आई, वह हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर देने वाली है। नशे के आदी हो चुके इन युवकों ने चिट्टा लाने के लिए घर की महिला के गहने बेच दिए, वो गहने जो अक्सर मां अपनी उम्रभर की कमाई और भावनाओं से संजोकर रखती है। इन युवकों की निशानदेही पर पुलिस ने चिट्टे के मुख्य सप्लायर दीपक निवासी डड्डूमाजरा कॉलोनी, चंडीगढ़ को भी गिरफ्तार कर लिया है। राहत की बात यह है कि जिन सोने की बालियों को बेचकर नशा खरीदा गया था, उन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या मां का टूटा भरोसा और परिवार की पीड़ा लौटाई जा सकती है?
यह मामला सिर्फ चार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उस सामाजिक सच्चाई का आईना है, जहां नशे की लत युवाओं को इतना अंधा कर रही है कि वे मां-बाप की मेहनत, इज्जत और भावनाओं को भी दांव पर लगाने से नहीं चूक रहे। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में रजत शरकोट (31) गांव गाहन, तहसील नानखड़ी, जिला शिमला, अविनाश सूद (35) नारकंडा, तहसील कुमारसेन, जिला शिमला, निखिल (29) – भराड़ा, तहसील ठियोग, जिला शिमला व दीपक (35) सेक्टर-38, डड्डूमाजरा कॉलोनी, चंडीगढ़ (मुख्य सप्लायर) शामिल हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...