Last Updated: October 13, 2026

Dainik Savera Times Logo

विश्वविद्यालय की स्वायत्तता की मांग को लेकर कुलपति से मिला HPUTWA का प्रतिनिधिमंडल

October 13, 2026

विश्वविद्यालय की स्वायत्तता की मांग को लेकर कुलपति से मिला HPUTWA का प्रतिनिधिमंडल

शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और अकादमिक स्वतंत्रता की रक्षा को लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (HPUTWA) के आह्वान पर चल रहा शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी है। मंगलवार को आयोजित धरना-प्रदर्शन में डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. मीना, HPUTWA की संयुक्त सचिव डॉ. अंजली शर्मा, HPUTWA के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास, डॉ. बी.आर. ठाकुर तथा डॉ. अशोक बंसल ने अपने विचार रखे।

इसी क्रम में HPUTWA की कार्यकारिणी के सदस्यों ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति से मुलाकात की और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता तथा अकादमिक स्वतंत्रता से जुड़ी अपनी मांगों को उनके समक्ष विस्तारपूर्वक रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की स्थापित वैधानिक व्यवस्था, संस्थागत स्वायत्तता और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। कार्यकारिणी ने कुलपति से आग्रह किया कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता से जुड़े विषयों को गंभीरता से लिया जाए तथा विश्वविद्यालय के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

HPUTWA के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता उसकी पहचान, गरिमा और अकादमिक उत्कृष्टता का आधार है। विश्वविद्यालय की स्थापित वैधानिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार का बदलाव उसकी संस्थागत स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा, शोध और स्वतंत्र चिंतन का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए इसकी स्वायत्तता को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निर्णय विश्वविद्यालय के हितों और स्थापित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही लिए जाने चाहिए।

डॉ. नितिन व्यास ने आगे कहा कि HPUTWA का आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की संस्थागत गरिमा, अकादमिक स्वतंत्रता और स्वायत्तता की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि संघ विश्वविद्यालय के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाता रहेगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और कुलपति नियुक्ति से जुड़े स्थापित वैधानिक प्रावधानों एवं संस्थागत व्यवस्था में प्रस्तावित बदलाव गंभीर चिंता का विषय हैं। किसी भी नए प्रावधान का उद्देश्य विश्वविद्यालय की निर्णय लेने की क्षमता और अकादमिक स्वतंत्रता को कमजोर करना नहीं होना चाहिए।

HPUTWA ने कहा कि कुलपति नियुक्ति से संबंधित वर्तमान वैधानिक व्यवस्था में Chancellor in consultation with the State Government का प्रावधान है। यदि प्रशासनिक स्तर पर नियुक्ति में देरी हुई है, तो उसका समाधान विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को सीमित करना नहीं हो सकता। आवश्यकता विश्वविद्यालय में नियमित नेतृत्व सुनिश्चित करने और उसकी संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की है। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपने शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक निर्णय लेने की संस्थागत स्वतंत्रता प्राप्त होनी चाहिए। यदि प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्णय के लिए बाहरी अनुमति आवश्यक होगी, तो HPU धीरे-धीरे निर्णय लेने वाली संस्था के बजाय केवल अनुमति लेने वाली संस्था बनकर रह जाएगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की समस्याओं का समाधान स्वायत्तता को कमजोर करके नहीं, बल्कि पर्याप्त संसाधन, योग्य मानवशक्ति, नियमित नेतृत्व और मजबूत अकादमिक व्यवस्था उपलब्ध कराकर किया जाना चाहिए। शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों से जुड़ी लंबित समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। HPUTWA ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता केवल शिक्षकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के भविष्य से जुड़ा विषय है। स्वायत्तता कमजोर होने का सीधा प्रभाव अकादमिक स्वतंत्रता, शोध, नवाचार और संस्थागत निर्णय प्रक्रिया पर पड़ेगा।

संघ ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय किसी राजनीतिक प्रयोग का केंद्र नहीं होना चाहिए। विश्वविद्यालय की संस्थागत संरचना और अकादमिक स्वतंत्रता को स्थायी आधार पर सुरक्षित रखना आवश्यक है। HPUTWA ने प्रदेश सरकार से मांग की कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को प्रभावित करने वाले प्रस्तावित प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए और HPU की संस्थागत एवं अकादमिक स्वायत्तता को अक्षुण्ण रखते हुए विश्वविद्यालय को मजबूत किया जाए। संघ ने दोहराया कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, अकादमिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उसका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें