कुल्लू: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित गंभीर एवं लंबे समय से बीमार मरीजों के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सहारा योजना राहत का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना का उद्देश्य ऐसे मरीजों को उपचार के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना है, जो लंबे समय तक बीमारी के कारण काम करने में सक्षम नहीं हैं।
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि योजना के दायरे में पार्किंसन, कैंसर, पैरालिसिस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से प्रभावित व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा दीर्घकालिक उपचार ले रहे, शय्याग्रस्त तथा तीव्र या लंबे समय से गुर्दे की विफलता से जूझ रहे मरीज भी निर्धारित पात्रता पूरी करने पर योजना का लाभ ले सकते हैं। ऐसी अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज भी पात्र हो सकते हैं, जिनके कारण वे स्थायी रूप से कार्य करने में असमर्थ हो गए हैं।
विभाग के अनुसार, आधार सत्यापन पूरा कर चुके सक्रिय पात्र लाभार्थियों को जून 2026 तक की वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है। सरकार ने योजना की आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन डिजिटल व्यवस्था भी शुरू की है। अब आवेदन से लेकर सहायता राशि के भुगतान तक की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
अधिकारी ने बताया कि जिन आवेदकों या लाभार्थियों के पुराने आवेदन राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा सोसायटी के स्तर पर लंबित रह गए थे, उन्हें योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए नए सिरे से आवेदन करना आवश्यक होगा।
पात्र व्यक्ति https://himparivar.hp.gov.in/ekalyan के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी लोकमित्र केंद्र की सहायता से भी आवेदन करवाया जा सकता है। योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया या अन्य जानकारी के लिए संबंधित जिला कल्याण अधिकारी अथवा तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...