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Kullu: सीटू के जिला सचिव ने दिया धरना, कहा-आउटसोर्स और ठेकेदारी प्रथा को बंद करे सरकार

November 26, 2024

Kullu: सीटू के जिला सचिव ने दिया धरना, कहा-आउटसोर्स और ठेकेदारी प्रथा को बंद करे सरकार

CITU District Secretary Protest : देश घर में मजदूरों के हो रहे शोषण और उनकी मांगों को सरकार के द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर जिला कुल्लू का मुख्यालय ढालपुर में सीटू व अन्य श्रम संगठनों के द्वारा एक रोष रैली निकाली गई और डिजाइन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा गया।

इस दौरान उपस्थित मजदूरों को संबोधित करते हुए सीटू के जिला सचिव होतम सोखला ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य कॉरपोरेट और अति अमीरों को समृद्ध करना है। जबकि खेती की लागत और मुद्रास्फीति हर साल 12-15% से अधिक बढ़ रही है। सरकार एमएसपी में केवल 2 से 7% की वृद्धि कर रही है।

इसमें सी2+50% फॉर्मूले को लागू किए बिना और खरीद की कोई गारंटी दिए बिना 2024-25 में धान के एमएसपी को केवल 5.35% बढ़ाकर 2300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। इससे पहले कम से कम पंजाब और हरियाणा में धान और गेहूं की खरीद हो जाती थी। लेकिन केंद्र सरकार पिछले साल खरीदी गई फसल को मंडियों से उठाने में विफल रही।

CITU District Secretary Protest

जिससे इस साल मंडियों में जगह की कमी के कारण धान की खरीद ठप हो गई। किसान अपने आधे अधूरे एमएसपी, एपीएमसी मंडियों, एफसीआई और राशन प्रणाली आपूर्ति को बचाने के लिए फिर से सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि अब केंद्र सरकार को 12 सूत्रीय मांग पत्र भेजा गया हैं जिसमें मांग रखी गई हैं कि मजदूरों व किसानों तथा सभी फसलों के लिए कानूनी रूप से गारंटीकृत खरीद के साथ सी2+50% के अनुसार एमएसपी दी जाए।

चार श्रम संहिताओं को निरस्त करें और श्रम की आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी को समाप्त करें। वही, संगठित, असंगठित, स्कीम वर्कर और अनुबंध मजदूरों एवं कृषि क्षेत्र सहित सभी मजदूरों के लिए 26000 रुपये प्रति माह का राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन और 10000 रुपये प्रति माह पेंशन, सामाजिक सुरक्षा लाभ लागू करें।

होतम सोखला ने कहा कि किसान आत्महत्या को समाप्त करने के लिए व्यापक कर्ज मुक्ती, रक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली सहित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण बंद किया जाए। वही, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को खत्म किया जाए और प्रीपेड स्मार्ट मीटर समाप्त किया जाए। कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली, घरेलू उपयोगकर्ताओं और दुकानों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए।

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