Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

HPU के मंच से CM सुक्खू का केंद्र पर निशाना, शिक्षा सुधार और हिमाचल के हकों की उठाई आवाज

July 22, 2026

HPU के मंच से CM सुक्खू का केंद्र पर निशाना, शिक्षा सुधार और हिमाचल के हकों की उठाई आवाज

शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा, राज्य के विकास और केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास के लिए नई घोषणाएं करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था, आर्थिक अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों पर हिमाचल के हितों की भी जोरदार पैरवी की।

AI और आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ उच्च शिक्षा को नई तकनीकों से जोड़ना जरूरी है। इसी दिशा में विश्वविद्यालय में बी.टेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा छात्रों की सुविधा के लिए नए छात्रावास के निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा भी की गई।

छात्र जीवन की यादें की साझा

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दौर इसी परिसर में बीता, जहां से उन्होंने छात्र राजनीति की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि HPU ने देश और प्रदेश को कई प्रतिष्ठित नेता, शिक्षाविद और प्रशासनिक अधिकारी दिए हैं।

NEET और पेपर लीक मामलों पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है। उन्होंने NEET परीक्षा से जुड़े विवादों और अन्य पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि हिमाचल में पेपर लीक मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित चयन बोर्ड को भंग किया और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

हिमाचल के आर्थिक अधिकारों की उठाई मांग

मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों को विशेष वित्तीय सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में राज्य के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि हिमाचल देश को महत्वपूर्ण पारिस्थितिक सेवाएं प्रदान करता है, जिसके बदले उचित आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने पुरानी जलविद्युत परियोजनाओं पर राज्य के अधिकार और रॉयल्टी बढ़ाने की मांग भी दोहराई।

मानसूनी आपदा पर सरकार सतर्क

मुख्यमंत्री ने हाल ही में किन्नौर और कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने और भारी बारिश से हुए नुकसान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कई मकानों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होते ही वे स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करेंगे।

लोगों और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से बारिश के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा जोखिम भरे स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी।

शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देने का भरोसा

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने युवाओं के लिए आधुनिक अवसर उपलब्ध कराने और हिमाचल के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम करती रहेगी।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें