शिमला: हिमाचल प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई इलाकों में सुबह और शाम की ठिठुरन बढ़ गई है। बिलासपुर, मंडी और सुंदरनगर जैसे क्षेत्रों में रोजाना कोहरा पड़ने लगा है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में नाले और झरने जमने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ियों में सूरज सुबह 10 बजे के बाद ही दिख रहा है और शाम छह बजे के बाद कोहरा फिर से छाने लगता है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है और आने वाले दिनों में पारे में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 नवंबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहेगा।
रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे
शुक्रवार रात को बिलासपुर के नेरी और सिरमौर के पांवटा साहिब को छोड़कर राज्य के सभी जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गया। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से भी कम दर्ज किया गया।
विशेष रूप से लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार शुष्क मौसम के कारण नाले, झरने और झीलें जमने लगी हैं। ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 6.6, केलांग में माइनस 4.0, कुकुमसेरी में माइनस 3.8 और कल्पा में माइनस 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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शहरों और मैदानों में भी बढ़ी ठंडक
शहरों और मैदानों में भी ठंडक बढ़ गई है। शिमला में न्यूनतम तापमान 7.0, मंडी में 7.1, बिलासपुर में 9.5 और ऊना में 8.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मनाली और नारकंडा जैसे उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पारा क्रमशः 2.1 डिग्री और 2.1 डिग्री तक गिर गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में ठंड का यह दौर अगले सप्ताह तक जारी रहेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना कम है, लेकिन रात और सुबह के समय ठंडक अपने चरम पर रहेगी।

