हिमाचल डेस्कः प्रदेश के किन्नौर जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में रामपुर बुशहर की फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो दुष्कर्म प्रकोष्ठ) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है; जुर्माना न चुकाने की स्थिति में उसे दो माह अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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2022 की है यह घटना
कोर्ट ने 22 जून को ललित मोहन, निवासी कल्पा, जिला किन्नौर को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया। यह मामला थाना रिकांगपिओ में दर्ज एफआईआर संख्या 131/2022 से संबंधित है; आरोप के आधार पर 22 दिसंबर 2022 को मामला दर्ज किया गया था।
जांच और आरोप-पत्र
मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी, वर्तमान में विजिलेंस मुख्यालय में निरीक्षक पद पर तैनात जनेश्वर सिंह ने की थी। जांच पूरी होने के बाद 20 फरवरी 2023 को अदालत में आरोप-पत्र दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।
बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कदम
पुलिस ने इस निर्णय को प्रभावी जांच और मजबूत अभियोजन का परिणाम बताया है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कहा है कि वह बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में प्रभावी जांच और कड़ाई से कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी।
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