
शिमला: प्रदेश मेंसूखे के चलते सेब के पौधों में अर्ली फ्लावरिंग होने की संभावना बननी लगी है। प्रदेश में पिछले लंबे समय से सूखे की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बागवानों को अब सेब की फसल की चिंता सताने लगी है। कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्टोन फ्रूट के पौधों में फ्लावरिंग का दौरा शुरू होने वाला है। इसके अलावा सेब के पौधों में भी अगले कुछ दिनों में फ्लावरिंग शुरू हो जाएगा। यह सेब की फसल के लिए अच्छे संकेत नहीं है। मौसम की बेरूखी के चलते सेब की फसल पर संकट छाने लगा है। सेब के बागीचों में नमी नहीं है। इस कारण सेब के पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए है।
अहम बात यह है कि फ्लावरिंग के दौरान बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी। इससे सेब की सेटिंग होने के आसर कम हो जाएंगे। कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब के पौधों में चिलिंग आवर पूरे होने की संभावना भी कम है। इसका सीधा असर सेब की फसल पर पड़ेगा। यही नहीं बागवान कम व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की नए पौधों की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। इस बार मौसम अनुकूल न होने के कारण बागवानों को भारी नुकसान होने की संभावना बनती जा रही है।
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