रिकांगपिओ : किन्नौर के पोवारी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदारों द्वारा सतलुज नदी में मलवा फेंके जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह कार्य नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के स्पष्ट आदेशों की सीधी अवहेलना है और इससे नदी के प्रदूषित होने के साथ.साथ आसपास के सेब बगीचों को भी भारी नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि पहले भी कई बार यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन निर्माण कंपनियों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ताजा वीडियो में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे डंपर सतलुज नदी के किनारे मलवा खाली कर रहे हैं।
सेब उत्पादकों पर संकट:-
मलवे से उड़ती धूल और कण आसपास की पंचायतों के सेब बगीचों को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर विपरीत असर पड़ रहा है। बावजूद इसके स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि इस मुद्दे पर मौन हैंए जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
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