Last Updated: October 1, 2026

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कौन है हिमाचल की देवांशी शर्मा, जो बनी भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर

June 13, 2026

कौन है हिमाचल की देवांशी शर्मा, जो बनी भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर

हिमाचल डेस्क: हमीरपुर जिले की बेटी देवांशी शर्मा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनी है। देवांशी शर्मा का वायुसेना में शामिल होकर अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। बता दें देवांशी क्षेत्र की पहली महिला हैं, जिन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ है। गांव की बेटी अब फाइटर जेट उड़ाएगी।

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नादौन के नौहंगी की निवासी

जानकारी के अनुसार देवांशी शर्मा नादौन विधानसभा क्षेत्र की नौहंगी पंचायत के समहूं गांव की निवासी हैं। उनकी माता का नाम नीना शर्मा और पिता इंजीनियर राजेश शर्मा हैं।

कहां से ली शिक्षा

देवांशी शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर जिले के बरमाण स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। देवाशीं ने दसवीं और बारहवीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित दिल्ली विवि से भौतिकी (ऑनर्स) में बीएससी की डिग्री प्राप्त की और पंजाब यूनिवर्सिटी से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन (Defence and Strategic Studies) में मास्टर डिग्री हासिल की। देवांशी शर्मा ने अपनी मास्टर डिग्री के दौरान एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) उत्तीर्ण किया। इसके बाद उन्होंने सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (SSB) साक्षात्कार में भी सफलता हासिल की और भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयनित हुईं।

नाना से मिली देशसेवा की प्रेरणा

देवांशी का परिवार लंबे समय से रक्षा सेवाओं से जुड़ा रहा है। भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने की प्रेरणा उन्हें अपने नाना, सेवानिवृत्त कर्नल रोशन लाल शर्मा से मिली। उनके पिता इंजीनियर राजेश शर्मा देश की प्रमुख विद्युत उत्पादन कंपनी एनटीपीसी में रायबरेली में कार्यरत हैं।

प्रशिक्षण पूरा कर बनीं फ्लाइंग ऑफिसर

देवांशी ने जून 2025 में तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित एयरफोर्स अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया। कठोर प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 13 जून 2026 को आयोजित संयुक्त स्नातक पासिंग आउट परेड में उन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन प्रदान किया गया।

माता-पिता ने लगाए अधिकारी रैंक के बैज

पाइपिंग सेरेमनी के दौरान उनके पिता इंजीनियर राजेश शर्मा और माता नीना शर्मा ने उनके कंधों पर अधिकारी रैंक के बैज लगाए। यह क्षण परिवार के लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण रहा। देवांशी अपनी सफलता का श्रेय विशेष रूप से अपनी माता नीना शर्मा को देती हैं, जिन्हें वे अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा और शक्ति मानती हैं।

हिमाचल गौरव अवार्डी की पौत्री हैं देवांशी

देवांशी शर्मा सेवानिवृत्त जोनल डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. शर्मा की पौत्री हैं। डॉ. शर्मा को वर्ष 2026 में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिष्ठित ‘हिमाचल गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।

माता-पिता ने जताया गर्व

देवांशी के पिता इंजीनियर राजेश शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखती थी। वहीं, उनकी माता नीना शर्मा ने कहा कि अपनी बेटी को भारतीय वायुसेना की अधिकारी की वर्दी में देखकर उन्हें अपार गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है।

क्षेत्र के लिए बनीं प्रेरणा

देवांशी शर्मा की इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है। सभी का मानना है कि उनकी सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनकी यह उपलब्धि न केवल हमीरपुर बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

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