Last Updated: September 22, 2026

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IVF से पैदा हुए जुड़वा, मां-बाप से नहीं मिला DNA, अब शिकायतों का दौर

June 13, 2026

IVF से पैदा हुए जुड़वा, मां-बाप से नहीं मिला DNA, अब शिकायतों का दौर

Twins born through IVF, DNA Not match : दिल्ली के साथ लगते NCR से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने IVF प्रक्रिया और अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। गुरुग्राम के एक दंपति ने दावा किया है कि IVF से जन्मे उनके जुड़वा हैं।

ग्रेटर कैलाश अस्पताल से कराया था इलाज

उनका कहना है कि बच्चों का DNA न तो पिता से और न ही मां से मैच हुआ। इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज हो चुका है। IVF तकनीक से माता-पिता बनने का सपना देखने वाले गुरुग्राम के राहुल राठौर और उनकी पत्नी मीनू राठौर बच्चों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। दंपति का आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित एक IVF सेंटर में इलाज कराया था। बाद में द्वारका स्थित अस्पताल में जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ, लेकिन बच्चों के जन्म के बाद जब डीएनए जांच कराई गई तो रिपोर्ट ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। राहुल राठौर का दावा है कि DNA रिपोर्ट के अनुसार दोनों बच्चे न तो उनके जैविक बच्चे हैं और न ही उनकी पत्नी के।

न्याय के लिए चक्कर काट रहा दंपति

इसके बाद से ही दंपति अस्पतालों, पुलिस और अदालत के चक्कर लगा रहा है। उनका आरोप है कि शुरुआती महीनों में उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पीड़ित दंपति का आरोप है कि इस पूरे मामले में कहीं न कहीं भ्रूण या बच्चों की अदला-बदली हुई है। राहुल का कहना है कि इस संबंध में कई संस्थाओं और अधिकारियों को शिकायत दी है। साथ ही प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और दिल्ली सरकार से भी हस्तक्षेप की मांग की है। राहुल का आरोप है कि जब उन्होंने DNA जांच की मांग की तो शुरुआत में इसका विरोध किया।

अदालत ने किया रिकॉर्ड तलब

बाद में DNA रिपोर्ट आने के बाद मामला और गंभीर हो गया। दंपति का दावा है कि अदालत में पेश किए गए कुछ दस्तावेजों पर भी सवाल उठे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। राहुल राठौर का कहना है कि 5 महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें न तो अपने बच्चों का पता चल पाया है और न ही मामले में कोई ठोस प्रगति दिखाई दे रही है। इसी वजह से उन्होंने अपनी बात सोशल मीडिया के जरिए देश के सामने रखने का फैसला किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में राहुल और मीनू राठौर अपनी पूरी आपबीती बताते नजर आ रहे हैं। दंपति का कहना है कि उन्हें यह तक नहीं पता कि कथित गड़बड़ी डिलीवरी के दौरान हुई या फिर उससे पहले किसी चरण में। अदालत ने भी कथित तौर पर संबंधित रिकॉर्ड तलब किए हैं।

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