शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय चिट्टा (हेरोइन) सप्लाई नेटवर्क के कथित सरगना विजय बिहारी उर्फ ‘डेविड’ को गिरफ्तार कर पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है। आरोपी से गहन पूछताछ जारी है, जिससे इस नेटवर्क के कई और कड़ियों के उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।
ISBT से शुरू हुई जांच, जाल तक पहुंची पुलिस
8 फरवरी को शिमला के ISBT क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों राहुल (निवासी जुब्बल) और विशाल वर्मा (निवासी ठियोग) को पकड़ा था। तलाशी के दौरान उनके पास से 30.700 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई। इस मामले में बालूगंज थाना में NDPS एक्ट की धारा 21 के तहत केस दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने ‘बैकवर्ड लिंक’ खंगालते हुए सप्लाई चैन तक पहुंच बनाई। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने यह नशा जिरकपुर से ‘डेविड’ नामक सप्लायर से खरीदा था, जो लंबे समय से अंतरराज्यीय तस्करी में सक्रिय बताया जा रहा है।
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तकनीकी साक्ष्यों ने खोली परतें
पुलिस द्वारा मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी व्हाट्सएप कॉल के जरिए ‘डेविड’ से संपर्क में थे। इससे यह भी संकेत मिला कि यह नेटवर्क आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था।
हरियाणा से गिरफ्तारी, शिमला में पूछताछ
23 मार्च 2026 को पुलिस ने विजय बिहारी उर्फ ‘डेविड’ (उम्र 28 वर्ष), निवासी अंबाला कैंट, हरियाणा, को अदालत से प्रोडक्शन वारंट और कस्टडी ट्रांसफर लेकर शिमला लाया। फिलहाल उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया है।
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और भी खुलासों की उम्मीद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे न केवल इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता चल सकता है, बल्कि विभिन्न राज्यों में फैले सप्लाई चैन का भी खुलासा हो सकता है। शिमला पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

