हिमाचल डेस्क: प्रदेश सरकार द्वारा बीपीएल (Below Poverty Line) और अंत्योदय सूचियों के पुनर्गठन के बाद ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया है। इस प्रक्रिया के तहत जसवां परागपुर और देहरा विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवारों को सूची से बाहर कर दिया गया है, जिससे गरीब वर्ग में भारी रोष देखा जा रहा है।
जसवां परागपुर में केवल 278 परिवार पात्र
जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र में पहले बीपीएल व अंत्योदय श्रेणी में 3237 परिवार पंजीकृत थे। पुनर्गठन के बाद सरकारी मानकों पर केवल 278 परिवार ही पात्र पाए गए, जबकि 2959 परिवारों को सूची से बाहर कर दिया गया।
देहरा में मात्र 195 परिवारों को स्थान
इसी तरह देहरा विधानसभा क्षेत्र में पहले 3946 परिवार सूची में दर्ज थे, लेकिन नई प्रक्रिया के बाद केवल 195 परिवारों का चयन किया गया। शेष 3751 परिवारों को अपात्र घोषित कर दिया गया। इस भारी कटौती के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष का माहौल है और पंचायत प्रतिनिधि चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
कोरम पूरा न होने पर बनी विशेष कमेटी
ग्राम सभाओं में कोरम पूरा न होने के कारण सरकार ने उपमंडल अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और पंचायत निरीक्षक की एक विशेष खंड स्तरीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी को 31 दिसंबर 2025 तक बीपीएल व अंत्योदय सूचियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए थे।
नई गाइडलाइन बनी बड़ी छंटनी का कारण
भारी संख्या में परिवारों के बाहर होने का मुख्य कारण सरकार द्वारा लागू की गई नई और सख्त गाइडलाइन मानी जा रही है। नई शर्तों के अनुसार यदि किसी परिवार के पास एक पक्का कमरा है या परिवार में 18 से 59 वर्ष की आयु का कोई पुरुष सदस्य है, तो उसे अपात्र माना गया है। इसके अलावा भूमि सीमा को दो हेक्टेयर से घटाकर एक हेक्टेयर कर दिया गया है, जिससे कई सीमांत किसान परिवार बीपीएल सुविधा से वंचित हो गए।
पंचायत प्रतिनिधियों ने उठाए सवाल
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया में निर्वाचित पंचायत प्रधानों को शामिल नहीं किया गया। केवल पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिए गए। घियोरी, जंडौर और वणी पंचायतों के प्रधानों ने आरोप लगाया है कि 50 हजार रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों को भी सूची से बाहर कर दिया गया, जो न्यायसंगत नहीं है।
उदाहरण के तौर पर घियोरी पंचायत में 182 परिवारों में से केवल 5 परिवारों को ही बीपीएल सूची में स्थान मिला है।
अधिकारियों का पक्ष
खंड विकास अधिकारी परागपुर अशोक कुमार ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य की तुलना में बहुत कम परिवारों ने बीपीएल में शामिल होने के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 278 परिवार पात्र पाए गए।
वहीं, देहरा के समाज शिक्षा एवं खंड योजना अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से 195 परिवारों का चयन किया गया है। बीपीएल में चयन पूरी तरह सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है।