Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

हिमाचल में प्राथमिक शिक्षकों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में क्रमिक अनशन शुरू

July 27, 2026

हिमाचल में प्राथमिक शिक्षकों का सरकार के खिलाफ मोर्चा, कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में क्रमिक अनशन शुरू

शिमला। हिमाचल प्रदेश में ‘न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम’ की अधिसूचना को रद्द करने की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ (PTF) ने रविवार को जहां महारैली के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। रविवार को मुख्यमंत्री स्वयं PTF के धरने में पहुंचे और रैली में प्राथमिक शिक्षकों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार शिक्षक दिवस से पहले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस व्यवस्था की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करेगी और यह तय करेगी कि इसमें सुधार की आवश्यकता है या इसे पूरी तरह वापस लिया जाए। बावजूद इसके प्राथमिक शिक्षकों ने रविवार शाम से क्रमिक अनशन का आगाज कर दिया है।

PTF शिक्षकों ने जहां मुख्यमंत्री का स्वागत किया वही साफ एलान कर दिया जब तक मांगे जमीनी स्तर पर मानी नही जाती आंदोलन जारी रहेगा।इस बार शिक्षकों का यह अनिश्चितकालीन अनशन उस समय तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों को अमलीजामा नही दिया जाता।आज क्रमिक अनशन का दूसरा दिन है PTF शिक्षा निदेशालय के समीप अनशन पर बैठे है।

हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन और क्रमिक अनशन का ऐलान किया है। क्रमिक अनशन पर बैठे संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षकों के हित सुरक्षित नहीं होते और प्राथमिक शिक्षा से जुड़े जायज मुद्दों पर सरकार कार्रवाई नहीं करती, तब तक यह आंदोलन और अनशन लगातार जारी रहेगा। आंदोलन को वापस लेने या समाप्त करने का पूरा दारोमदार अब मुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई पर निर्भर करता है।

​रमेश शर्मा ने कहा कि क्रमिक अनशन पर बैठने का फैसला प्राथमिक शिक्षक संघ के जनरल हाउस में सर्वसम्मति से लिया गया है, जिसमें प्रदेश भर से 700 से अधिक पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संघ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाता आ रहा है, लेकिन लगातार उनकी उपेक्षा की गई। यहां तक कि सचिवालय और निदेशालय स्तर के अधिकारियों ने संघ के ज्ञापनों को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया और भविष्य में प्राथमिक शिक्षक संघ के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता न करने की बात कही।

​प्रशासनिक उपेक्षा और संवादहीनता के इसी रवैये के चलते शिक्षक संघ को यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। हालांकि, संघ अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वे सदैव संवाद और बातचीत के माध्यम से समस्याओं के समाधान में विश्वास रखते हैं तथा पूर्व में भी वार्ता के लिए गुहार लगाते रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर उम्मीद जताते हुए कि 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) आने से पहले ही प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग संवेदनशील रवैया अपनाते हुए संघ के साथ बैठक करेंगे और सभी लंबित मामलों का समाधान निकालेंगे। जैसे ही सरकार और विभाग द्वारा सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे, संघ अपने इस आंदोलन को वापस ले लेगा।

गौरतलब है कि प्राथमिक शिक्षकों ने 11 जुलाई से अपनी पैदल न्याय यात्रा बगलामुखी मंदिर से शुरू की थी जिसका समापन बाइट कल शिमला के चौड़ा मैदान में विशाल धरने के साथ हुआ।रविवार से ही धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने अपना क्रमिक अनशन शुरू कर दिया था,हालांकि मुख्यमंत्री ने कॉम्प्लेक्स सिस्टम को रोल बैक करने का श्वसन भी दिया था लेकिन प्राथमिक अध्यापक मुख्यमंत्री के आश्वासन से नहीं माने और अपना क्रमिक अनशन शुरू कर दिया।अब देखना है कि सरकार कब तक आंदोलन कर रहे इन शिक्षकों को वार्ता के लिए बुलाती है।शिक्षकों का साफ कहना है कि अगर जरूरत पड़ी और इनकी मांगे नहीं मानी गई तो आगामी विधानसभा चुनाव तक भी इनका यह अनशन जारी रहेगा।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें