हिमाचल डेस्कः प्रदेश में बुधवार को भी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। राजधानी शिमला में दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई, जबकि रोहतांग दर्रे और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी के चलते पहाड़ियां सफेद चादर से ढक गईं और तापमान में गिरावट आई।
ये भी पढ़ें :-
हतांग के साथ-सारोथ सीबी रेंज की कई चोटियों पर भी बर्फ के फाहे गिरे। कोकसर, सिस्सू, बंजार और मनाली समेत कुल्लू जिले के कई क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश हुई। वहीं, रघुपुर घाटी में तेज बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर, हमीरपुर, ऊना, चंबा और कांगड़ा में दिनभर मौसम साफ रहा, जबकि मंडी में बादल छाए रहे।
5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए गुरुवार और शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश, अंधड़, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुछ इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्रदेश में 23 जून तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान मध्यम से भारी बारिश, तेज हवाएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
25 जून तक मानसून पहुंचने के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के 25 जून 2026 तक हिमाचल प्रदेश में पहुंचने की प्रबल संभावना है। यह अनुमान मानसून के सामान्य आगमन की तिथि के करीब है। मौसम विभाग का मानना है कि इस वर्ष राज्य में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले एक सप्ताह से प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं।
अधिकतम तापमान
सुंदरनगर 35.1, कांगड़ा 34.6, बरठीं 34.5, मंडी 33.8, भुंतर 33.6, चंबा 31.6, धर्मशाला 31.1, मनाली 28.2 और शिमला 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ये भी पढ़ें :-

