
शिमला। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पत्रकारिता का मूल आधार निर्भीकता, निष्पक्षता और ईमानदारी है। पत्रकारों को बिना किसी दबाव के दमदार तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कानूनों का पालन करना बेहद जरूरी है, लेकिन खबरों की तलाश और सच्चाई सामने लाने का संघर्ष निरंतर जारी रहना चाहिए। उप मुख्यमंत्री शनिवार को गेयटी थियेटर के गॉथिक हॉल में प्रोफेसर वेपा राव फाउंडेशन की ओर से आयोजित प्रो. वेपा राव जीवन परिचय एवं स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आयोजकों ने उन्हें शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
उप मुख्यमंत्री ने अपने पत्रकारिता जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्वर्गीय प्रो. वेपा राव का पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की स्थापना से लेकर इसके विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में स्थापित विभाग ने देश को अनेक प्रतिष्ठित पत्रकार दिए हैं। वर्ष 1990 से 2022 तक उन्होंने पत्रकारिता और शिक्षण के क्षेत्र में निरंतर समर्पण एवं मेहनत के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रो. वेपा राव को करीब से देखा और समझा है। विद्यार्थियों के प्रति उनका विशेष लगाव था और वह प्रत्येक छात्र की चिंता करते थे। विद्यार्थियों को रोजगार दिलाने से लेकर उनके पारिवारिक जीवन तक में सहयोग करना उनके व्यक्तित्व की विशेषता थी। वह केवल शिक्षक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए अभिभावक और मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाते थे। एक गुरु की अपने विद्यार्थियों के प्रति ऐसी ही संवेदनशील सोच होनी चाहिए।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रो. वेपा राव की निष्पक्ष लेखनी, विचारों और पत्रकारिता के प्रति समर्पण से आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। पत्रकारिता के क्षेत्र को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सामने तथ्यों और सच्चाई को लाने का दायित्व भी है। पत्रकारिता से जुड़े युवाओं को निर्भीकता और ईमानदारी के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने प्रो. वेपा राव फाउंडेशन को अपनी ऐच्छिक निधि से एक लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार राजू संथानम ने मुख्य वक्ता के रूप में पत्रकारिता पर अपना लेख प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के सफर में चुनौतियां हमेशा रही हैं और भविष्य में भी रहेंगी। बदलते मीडिया परिवेश में पत्रकारों को अपनी विश्वसनीयता, निष्पक्षता और पेशेवर प्रतिबद्धता बनाए रखना आवश्यक है।
सचिव भाषा, संस्कृति एवं शिक्षा राकेश कंवर ने कहा कि प्रो. वेपा राव ने देशभर में हजारों पत्रकारों की ऐसी पीढ़ी तैयार की, जिसने मीडिया जगत में अपनी पहचान बनाई। उनके विद्यार्थियों के साथ पारिवारिक संबंध थे। उनके विचारों और आदर्शों को अपनाकर युवाओं को पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।
शिमला से संबंध रखने वाले पत्रकार दिनेश शर्मा ने प्रो. वेपा राव के मार्गदर्शन में प्राप्त सीख और अनुभवों को साझा किया। वहीं प्रो. शशिकांत, अश्वनी शर्मा और राकेश कंवर ने प्रो. राव के साथ अपने छात्र जीवन के अनुभवों तथा उनसे मिली जीवन और पत्रकारिता संबंधी सीख पर विस्तार से प्रकाश डाला। विजय गुप्ता ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
वर्ष 1946 में आंध्र प्रदेश में जन्मे प्रो. वेपा राव ने पत्रकारिता और मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने हिन्दुस्तान टाइम्स में संडे एडिटर के रूप में कार्य किया। इसके अतिरिक्त वे द ट्रिब्यून से जुड़े रहे तथा बाद में द स्टेट्समैन में संपादकीय सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनके विद्यार्थी उन्हें एक उत्कृष्ट शिक्षक के साथ-साथ आत्मीय, विनोदी और सदैव मार्गदर्शन करने वाले व्यक्तित्व के रूप में याद करते हैं। उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को मीडिया जगत में पहली नौकरी प्राप्त करने में सहयोग दिया और शिक्षण संस्थान से निकलने के बाद भी उनके मार्गदर्शक बने रहे। 31 अक्टूबर, 2022 को 76 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
प्रो. वेपा राव की स्मृति में आयोजित इस व्याख्यान का उद्देश्य पत्रकारिता एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके स्थायी योगदान को याद करना तथा मीडिया जगत के पेशेवरों, विद्यार्थियों और समाज के बीच सार्थक संवाद एवं विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. मीनाक्षी चौधरी, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक तोरुल एस. रवीश, निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. पंकज ललित, एसडीएम शिमला शहरी सन्नी शर्मा, डॉ. नागेश ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक चंदन कपूर, सहायक निदेशक सुरेश राणा, मोहन ठाकुर, सुनीला ठाकुर, अनिल हारटा, जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल, सहायक सचिव दिव्या सूद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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