Last Updated: October 18, 2026

Dainik Savera Times Logo

ओटावा में दिखी हिमाचली संस्कृति की झलक, कुल्लू दशहरा बना वैश्विक आकर्षण

October 18, 2026

ओटावा में दिखी हिमाचली संस्कृति की झलक, कुल्लू दशहरा बना वैश्विक आकर्षण

Kullu Dussehra Celebrated at Ottawa’s Parliament Hill : शिमला। हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए कनाडा की राजधानी ओटावा स्थित पार्लियामेंट हिल में विश्वविख्यात कुल्लू दशहरा का भव्य आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ‘विविधता में एकता’ के महत्व को रेखांकित किया। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं।

अपने वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन (एचपीजीए) को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वभर में भारतीय प्रवासियों द्वारा जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ भारतीय त्योहारों, संस्कृति एवं परंपराओं का सम्मान किया जाता है और उन्हें मनाया जाता है, वह भारतीय मूल्यों तथा पीढ़ियों से चली आ रही ‘विविधता में एकता’ की गौरवशाली विरासत का परिचायक है। मुख्यमंत्री के वीडियो संदेश में दशहरा पर्व के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सदैव सत्य और न्याय के पक्ष में निर्भीकता से खड़े रहना सिखाता है, क्योंकि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः अधर्म पर धर्म की ही विजय होती है। हिमाचल प्रदेश की समृद्ध एवं जीवंत सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला यह भव्य समारोह कनाडा के ओटावा में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की मेजबानी ऑरलियन्स की सांसद मैरी-फ्रांस लालोंद ने की, जबकि इसका आयोजन एचपीजीए द्वारा 35 से अधिक भारत-कनाडाई संगठनों के उत्साहपूर्ण सहयोग से किया गया।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कनाडा के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्थलों में से एक पर कुल्लू दशहरा का भव्य आयोजन भारतीय प्रवासी समुदाय, विशेषकर हिमाचल से जुड़े लोगों, सामुदायिक नेताओं, संस्कृति प्रेमियों तथा गणमान्य अतिथियों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है। उन्होंने कहा कि इस विविधतापूर्ण जनसमूह की सहभागिता विश्वभर में हिमाचल प्रदेश की बढ़ती पहचान और प्रभाव को दर्शाती है। यह इस बात का प्रमाण है कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के कौशल, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को विश्वभर में सम्मान मिल रहा है।

साथ ही, ऐसे आयोजन हमें प्रदेश की समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नाटी एवं झमाकड़ा लोकनृत्यों सहित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रामलीला के जीवंत मंचन ने समारोह को विशेष आकर्षण प्रदान किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत-कनाडाई समुदाय की भारतीय सांस्कृतिक विरासत और हिमाचली परंपराओं को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने तथा उन्हें संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से झलकी।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने समारोह में हिमाचली अतिथि-सत्कार की परंपरा को प्रदर्शित किए जाने की भी सराहना की। इस अवसर पर अतिथियों को हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। विशेष रूप से पारंपरिक हिमाचली धाम ने लोगों को प्रदेश के विशिष्ट खानपान और पारंपरिक व्यंजनों से परिचित करवाया।
मुख्यमंत्री ने हिमाचली प्रवासी समुदाय को एकजुट करने, हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन को प्रोत्साहित करने तथा विश्वभर में बसे हिमाचलियों और कनाडा को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले समुदायों के बीच सार्थक संबंध स्थापित करने के लिए एचपीजीए के प्रयासों की सराहना की।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी कुल्लू दशहरा के अवसर पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कनाडा के बहु सांस्कृतिक स्वरूप को समृद्ध बनाने में सांस्कृतिक विविधता, सामुदायिक सहभागिता और भारत-कनाडाई समुदाय के योगदान को महत्वपूर्ण एवं मूल्यवान बताया।
एचपीजीए के निदेशक मंडल के सदस्यों भाग्य चंद्र, अरुण चौहान, विवेक नज़र, संजीव ठाकुर, आशु कालिया और पूनम गुलरिया ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने, वैश्विक हिमाचली समुदाय के बीच आपसी संबंधों को सुदृढ़ बनाने तथा प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराओं और मूल्यों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें