हिमाचल डेस्कः सोलन बाईपास पर स्थित ‘शिवालिक बायमेटल’ यूनिट में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब फैक्ट्री के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की लपटें आसमान छूने लगीं और पूरा परिसर काले धुएं से घिर गया। यह हादसा इतना भयानक था कि इसमें काम करने वाले 175 कर्मचारियों की जान पर मुसीबत बन गया था।
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सुरक्षित निकले 175 कर्मचारी
हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 150 से 175 श्रमिक काम कर रहे थे। आग की तीव्रता को भांपते हुए फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत इवैक्यूएशन प्रोटोकॉल लागू किया और सभी कर्मचारियों को सुरक्षित मार्गों से बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस भयावह घटना में एक भी कर्मचारी को चोट नहीं आई।
घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू
आग की गंभीरता को देखते हुए सोलन सहित आसपास के क्षेत्रों से फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। अग्निशमन कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक फैक्ट्री में मौजूद कीमती मशीनरी, कच्चा माल और तैयार माल जलकर राख हो चुका था। इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस टीमें मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल आग लगने के ठोस कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें नुकसान के वास्तविक आंकड़ों का आकलन करने में जुटी हुई हैं।
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