हिमाचल डेस्कः प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार अस्थिर बना हुआ है। हाल ही में हुई बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद वीरवार दोपहर मौसम साफ होने के बावजूद कुल्लू में एक रिहायशी भवन अचानक भूस्खलन की चपेट में आकर भरभराकर गिर गया। यह घटना जिला मुख्यालय कुल्लू से करीब 12 किलोमीटर दूर बंदरोल में हुई।
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इलाके में दहशत का माहौल
गिरा हुआ मकान राधे श्याम पुत्र टना राम का बताया जा रहा है। इस मकान में पहले एक परिवार रहता था, लेकिन घटना के समय यह खाली था। हालांकि, हादसे के बाद आसपास के मकानों और पास स्थित होटल पर भी खतरा मंडराने लगा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार यह घटना जवाहर नवोदय विद्यालय के पास हुई, जहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरा। गनीमत रही कि भवन खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने रिजेंटा होटल सहित अन्य भवनों को खाली करवा दिया है। होटल में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
सुरक्षा के उचित उपाय नहीं किए गएः स्थानीय
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है। जिले में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। 24 अगस्त 2023 को आनी बस अड्डे के पास आठ बहुमंजिला भवन ढह गए थे, और अब एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है।
मणिकर्ण घाटी में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। छह अप्रैल की रात बरशौणी मार्ग के घटीगढ़ क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक कार मलबे की चपेट में आ गई। यह मार्ग पहले से ही अति संवेदनशील माना जाता है, जिससे यहां सफर करना जोखिम भरा हो गया है। वहीं, औट-लुहरी-सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर भी बार-बार भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हो रहा है। अप्रैल महीने में ही इस मार्ग पर तीन बार वाहनों की आवाजाही ठप हो चुकी है। स्थानीय लोग बरसात से पहले प्रशासन से स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं, ताकि संभावित बड़े हादसों को रोका जा सके।
बंदरोल में भूस्खलन के चलते मकान ढह गयाः एसडीएम
कुल्लू के एसडीएम निशांत ठाकुर ने बताया कि बंदरोल में भूस्खलन के चलते एक मकान ढह गया है। उन्होंने कहा कि मकान खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। साथ ही एहतियात के तौर पर पास के एक होटल को भी खाली करवा दिया गया है।
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