हिमाचल डेस्कः प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजधानी शिमला में सोमवार शाम कुछ समय के लिए झमाझम बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में हल्की ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी जिले के गोहर और चेलचौक क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई। दूसरी ओर मौसम विभाग ने प्रदेश में मॉनसून की एंट्री की डेट भी बता दी है।
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शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 15 जून को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि दोपहर और शाम के दौरान कई स्थानों पर आंधी-तूफान की भी आशंका है। अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग ने 18 और 19 जून के लिए भी कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार 21 जून तक प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है।
20 जून के आसपास मानसून की एंट्री की संभावना
मानसून की स्थिति पर शोभित कटियार ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल पूर्वी भारत तक पहुंच चुका है और सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 20 जून के आसपास हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करता है और 25 जून तक पूरे प्रदेश को कवर कर लेता है। इस वर्ष भी मानसून के निर्धारित समय पर प्रदेश में पहुंचने की संभावना है।
पिछले वर्षों में हुई थी भारी तबाही
गौरतलब है कि वर्ष 2023 और 2025 में मानसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही देखने को मिली थी। प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था, जबकि 800 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, इस बार मौसम विभाग ने प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है।
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