More ICU Beds at Nerchowk Medical College : शिमला। नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 23 करोड़ रुपये की एमआरआई मशीन समेत कई अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने आईसीयू में 25 से 30 अतिरिक्त बेड स्थापित करने की भी घोषणा की।
उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में 51 करोड़ रुपये की पीईटी स्कैन मशीन ब्लॉक की आधारशिला भी रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय में फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि लोगों को बेहतर उपचार के लिए अपने घरों से दूर न जाना पड़े और उन्हें नजदीकी स्तर पर ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड लैब्स स्थापित की जा रही हैं। इन लैब्स के माध्यम से एक ही सैंपल से कई प्रकार के टेस्ट किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों को बार-बार सैंपल देने की आवश्यकता नहीं होगी और जांच प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के साथ-साथ चिकित्सा महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे और चिकित्सा सेवाओं को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में राज्य सरकार द्वारा पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में पीईटी स्कैन के लिए प्रतीक्षा अवधि करीब एक महीने है, जबकि एम्स दिल्ली में इसके लिए मरीजों को करीब चार महीने तक इंतजार करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में अध्ययनरत एमबीबीएस विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को दुनिया में अपनाई जा रही आधुनिक स्वास्थ्य पद्धतियों और बेहतर चिकित्सा प्रथाओं का अनुभव करवाने के लिए विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने पर सरकार विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे,। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में कम से कम दो या तीन प्रमुख चिकित्सा विभागों को प्राथमिकता के आधार पर और अधिक मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।
इसका उद्देश्य प्रदेश में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाना और मरीजों को अधिक से अधिक उपचार सुविधाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध करवाना है। नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में वर्तमान में 123 नर्सों की तैनाती की जा चुकी है तथा आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार और नर्सों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में आईसीयू की क्षमता बढ़ाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि आईसीयू में 25 से 30 अतिरिक्त बेड स्थापित किए जाएंगे, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता में वृद्धि होगी।