शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए अब पैरामेडिकल स्टाफ का भी युक्तिकरण करने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेज इन दिनों पैरामेडिकल कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि कुछ संस्थानों में स्टाफ की संख्या आवश्यकता से अधिक है। ऐसे में विभाग ने तय किया है कि जिन कॉलेजों में स्टाफ की उपलब्धता अधिक है, वहां से कर्मचारियों को उन संस्थानों में भेजा जाएगा जहां कमी बनी हुई है।
इसके साथ ही विभाग नए पदों पर भर्ती की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है। प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि पैरामेडिकल सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए भविष्य में आवश्यक पदों का सृजन किया जाए।
ये भी पढ़ें: हिमाचल में कल लगेगा लंबा Power cut, इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित
कैबिनेट में आएगा पंचायत रोस्टर का मुद्दा
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के रोस्टर निर्धारण को लेकर चल रही प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। पंचायतीराज विभाग ने रोस्टर संबंधी प्रारूप और नियमों को तैयार कर लिया है, जिन्हें आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
24 नवंबर को शिमला स्थित राज्य सचिवालय में होने वाली इस बैठक में रोस्टर प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने 2011 की जनगणना को आधार मानते हुए नया रोस्टर जारी करने की आवश्यकता जताई है।
वहीं, कई ग्राम पंचायतें लगातार महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव करवाती रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सरकार नए रोस्टर में संतुलन बनाने पर विचार कर रही है ताकि आरक्षण का लाभ समान रूप से वितरित हो सके।