शिमला: हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन रविवार को 57वें दिन भी जारी रहा। स्कूल शिक्षा निदेशालय, शिमला में शिक्षकों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखते हुए सरकार से उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की।
संघ का कहना है कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा। रविवार को जिला कुल्लू से हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ और प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक निरमंड के पदाधिकारियों ने क्रमिक अनशन में भाग लेकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराया।
कुल्लू और निरमंड के शिक्षक अनशन में शामिल
रविवार को PTF ब्लॉक निरमंड के अध्यक्ष सन्देश ठाकुर, PTF कुल्लू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल चौहान, ब्लॉक निरमंड के कोषाध्यक्ष रेमश ठाकुर और PTF सदस्य निरमंड देवानंद शर्मा क्रमिक अनशन पर बैठे।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों और ब्लॉकों से शिक्षक लगातार आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्राथमिक शिक्षक अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद कर रहे हैं।
गांधीवादी तरीके से आंदोलन जारी रखने का संकल्प
प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि आंदोलन को महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। संघ के अनुसार, आंदोलन के दौरान अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन किया जा रहा है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से की जाएगी। इस दिन शिमला में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास रखने के बाद शाम को कैंडल मार्च निकालने की योजना है। इसके बाद प्रदेशभर के शिक्षक काले बिल्ले लगाकर शिक्षण कार्य करने की बात संघ ने कही है।
शीतकालीन सत्र से पहले 68 विधायकों को सौंपेंगे मांगपत्र
आंदोलन को अगले चरण में ले जाते हुए संघ ने प्रदेश के सभी 68 विधायकों को मांगपत्र सौंपने का निर्णय लिया है। संघ के अनुसार, विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले विधायकों के माध्यम से शिक्षकों की मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
इसके अलावा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान धर्मशाला में प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से विशाल धरना-प्रदर्शन करने की भी योजना है। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों के समाधान तक आंदोलन को विभिन्न चरणों में जारी रखा जाएगा।
11 जुलाई से शुरू हुआ था आंदोलन
संघ के अनुसार, वर्तमान आंदोलन की शुरुआत 11 जुलाई 2026 को पैदल न्याय यात्रा के माध्यम से शिमला पहुंचने के साथ हुई थी। इसके बाद 26 जुलाई को चौड़ा मैदान, शिमला में विशाल धरना आयोजित किया गया। धरने के बाद क्रमिक अनशन शुरू किया गया, जो अब 57वें दिन तक पहुंच चुका है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि आंदोलन को समाप्त करने की स्थिति बन सके।
📍 Location: शिमला (शिमला)
मेष: दिन शुभ रहेगा...