
हिमाचल डेस्कः पंजाब के मोहाली में कबड्डी मैच के दौरान गोलीकांड का शिकार हुए कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचोरिया हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बनगढ़ गांव के राजघराने से ताल्लुक रखते थे। उनके दादा कंवर शेर बहादुर सिंह और परदादा राजा सुमित्रा सिंह बनगढ़ रियासत के राजा रहे।
बेटे की शादी की खुशी मातम में बदली
राणा बलाचोरिया का परिवार लंबे समय से पंजाब के बलाचोर में रहता है। वे कांग्रेस नेता व ट्रक यूनियन मैहतपुर प्रधान संजीव कंवर के भतीजे थे। 4 दिसंबर को पुत्र दिग्विजय सिंह (राजीव कंवर) की शादी हुई, जबकि 6 दिसंबर को रिसेप्शन था। शादी के बाद पूरा परिवार नैना देवी और बाबा बालकनाथ मंदिर में शीश नवाने गया, लेकिन बनगढ़ लौटने से पहले ही खुशियां मिट्टी में मिल गईं।
सेल्फी के बहाने धोखे से मारी गोली
संजीव कंवर ने बताया, “मेरे भतीजे को मैच के दौरान प्रशंसक बनकर आए युवकों ने सेल्फी के बहाने नजदीक खींचा और ताबड़तोड़ गोलियां मार दीं।” गोलियों की आवाज से मैदान में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। घायल राणा को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कबड्डी जगत में मशहूर, युवाओं के चहेते
राणा बलाचोरिया कबड्डी के प्रसिद्ध खिलाड़ी और टूर्नामेंट आयोजक थे। खेल समुदाय में उनकी अच्छी पहचान थी और वे युवाओं में बेहद लोकप्रिय थे। उनकी हत्या से कबड्डी बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई।
पंजाब सरकार से न्याय की गुहार
संजीव कंवर ने पंजाब सरकार से अपील की, “हत्या करने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डालें।” पुलिस पुरानी रंजिश या गैंग एंगल से जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें गठित की गई हैं।
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