Last Updated: September 20, 2026

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1900 किमी तय कर रेणुका जी पहुंचा रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा

September 20, 2026

1900 किमी तय कर रेणुका जी पहुंचा रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा

Royal Bengal Tiger Pair Arrives at Renuka Zoo : शिमला। महाराष्ट्र के गोरेवाड़ा से करीब 1,900 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा शनिवार दोपहर हिमाचल प्रदेश के श्री रेणुका जी चिड़ियाघर पहुंच गया। करीब पांच वर्ष के नर और तीन वर्ष की मादा टाइगर के इस जोड़े के आगमन के साथ ही रेणुका जी जू में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।

टाइगर के प्राकृतिक आवास और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए करीब 1.67 करोड़ रुपये की लागत से विशेष एन्क्लोजर और अन्य व्यवस्थाएं पहले ही तैयार की जा चुकी हैं। महाराष्ट्र और हिमाचल के बीच हुए इस वन्यजीव आदान-प्रदान के तहत हिमाचल ने रेड जंगल फॉल (जंगली मुर्गे) का जोड़ा दिया, जिसके बदले महाराष्ट्र से रॉयल बंगाल टाइगर का यह जोड़ा लाया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, यह पहल न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगी, बल्कि आने वाले समय में रेणुका जी चिड़ियाघर को पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बता दें कि आज करीब 1:00 बजे महाराष्ट्र से हिमाचल के रेणुका जी चिड़ियाघर में पहुंचा रॉयल बंगाल टाइगर। पूरी टीम के सदस्यों ने करीब 1900km का सफर तय कर रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़े को रेणुका जी में आज दोपहर को पहुंचा दिया है। यह जोड़ा महाराष्ट्र के गोरेवाड़ा से लाया गया है।

टाइगर जोड़े में नर की उम्र करीब 5 साल और मादा की उम्र करीब 3 साल है । डॉ शहनवाज आईएफएस डी सी एफ शिमला वाइल्डलाइफ के नेतृत्व में 7 सदस्यों की टीम की देख रेख में रॉयल बंगाल टाइगर के जोड़े को लाया गया। प्रीति भंडारी आईएफएस अरण्यपाल वन्यप्राणी वृत शिमला दक्षिण ने बताया कि रॉयल बंगाल टाइगर के आवासीय व्यवस्था के अनुरूप तकरीबन 1 करोड़ 67 लाख की लागत से एन्क्लोजर एवं अन्य व्यवस्थाएं तैयार की जा चुकी है और कहा कि टाइगर के जोड़े का हिमाचल प्रदेश में आना वन्यप्राणी संरक्षण के लिए एक मिल का पत्थर साबित होगी और भविष्य के लिए पर्यटकों के लिए रेणुका जी ज़ू प्रमुख केंद्र बनेगा।।
डॉ. शहनवाज आईएफएस उप अरण्यपाल शिमला ने बताया कि हमे इस एक्सचेंज की अप्रूवल अगस्त 2026 में प्राप्त हुई थी उसके बाद यह प्रकिया शुरू की गई और हिमाचल के श्री रेणुका जी चिड़ियाघर से वन्यजीव आदान-प्रदान के तहत रेड जंगल फॉल (जंगली मुर्गे) का जोड़ा महाराष्ट्र के नागपुर स्थित Tiger Rescue Centre को दिया गया और उसके बदले में हिमाचल प्रदेश को टाइगर का जोड़ा श्री रेणुका जी चिड़ियाघर में लाया गया। इस वन्यजीव आदान-प्रदान को हिमाचल प्रदेश के लिए खास माना जा रहा है क्योंकि इस आदान प्रदान से ही रेणुका जी चिड़ियाघर में रॉयल बंगाल टाइगर पर्यटकों के आकर्षण का कारण बनेगा।

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