Last Updated: September 20, 2026

Dainik Savera Times Logo

शिमला में स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया बाजार, राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बनेंगे प्रोडक्ट सेल आउट हट

August 6, 2026

शिमला में स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा नया बाजार, राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बनेंगे प्रोडक्ट सेल आउट हट

शिमला: जिले के स्वयं सहायता समूहों (SHG) को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन शिमला ने क्लस्टर स्तर पर प्री-फैब्रिकेटेड प्रोडक्ट सेल आउट हट स्थापित करने का फैसला लिया है। ये हट राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे प्रमुख स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को इस योजना का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन हट के जरिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

एक जगह मिलेंगे हिमाचली उत्पाद

इन सेल आउट हट में शिमला के प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें सेब और उससे बने उत्पाद जैसे जैम, जूस, स्क्वैश व सिरका, राजमा, लाल चावल, देसी घी, शहद, अचार, चटनी, बुरांश स्क्वैश, मशरूम उत्पाद, अखरोट, प्लम, खुबानी, स्थानीय दालें और हस्तनिर्मित ऊनी वस्त्र शामिल होंगे।

इसके अलावा ऊनी शॉल, टोपी, मफलर, बांस और लकड़ी के हस्तशिल्प जैसे पारंपरिक उत्पाद भी लोगों और पर्यटकों को मिल सकेंगे।

हट के साथ लगाई जाएंगी फूड वैन

प्रशासन ने योजना के तहत प्रत्येक सेल आउट हट के साथ फूड वैन स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। इनमें स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे। फूड वैन में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।

उपायुक्त ने कहा कि यह पहल “ब्रांड शिमला” को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विकास योजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश

बैठक में जिले की विभिन्न विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित योजनाओं को जल्द शुरू करने और चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में 520 घर स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 486 लाभार्थियों के खाते सत्यापित हो चुके हैं और कई लाभार्थियों को पहली व दूसरी किस्त जारी की जा चुकी है।

कई योजनाएं अभी लंबित

समीक्षा में सामने आया कि जिले में 254 विकास योजनाएं अभी शुरू नहीं हो पाई हैं। अधिकारियों को इन योजनाओं में आ रही समस्याओं को जल्द दूर कर काम शुरू करने को कहा गया है। इसके अलावा 179 पूरी हो चुकी योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) लंबित पाए गए हैं। इन्हें जल्द जमा करने के निर्देश दिए गए, ताकि वित्तीय प्रक्रिया पूरी हो सके।

MPLADS योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

लोकसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत जिले में 351 योजनाएं अभी अधूरी हैं। वहीं राज्यसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत भी 123 कार्य लंबित हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सभी अधूरे कार्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

NH किनारे बनेंगे सार्वजनिक शौचालय

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे सार्वजनिक शौचालय बनाने की योजना भी शुरू की जाएगी। इसके लिए बीडीओ को उपयुक्त स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

BPL परिवारों की e-KYC में तेजी

जिले में बीपीएल परिवारों की ई-केवाईसी प्रक्रिया भी जारी है। 4 अगस्त 2026 तक जिले के 2,751 बीपीएल परिवारों में से 2,358 परिवारों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। वहीं 12,733 सदस्यों में से 12,105 सदस्यों का सत्यापन किया जा चुका है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें