Last Updated: October 6, 2026

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IGMC में पेस्ट कंट्रोल को लेकर प्रशासन ने दी सफाई, ₹11 हजार प्रति व्यक्ति भुगतान से किया इनकार

August 20, 2026

IGMC में पेस्ट कंट्रोल को लेकर प्रशासन ने दी सफाई, ₹11 हजार प्रति व्यक्ति भुगतान से किया इनकार

शिमला। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में चूहे पकड़ने के लिए लोग रखने को लेकर प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी किया है और इसे अस्पताल की सामान्य प्रक्रिया करार दिया है। आईजीएमसी के एमएस डॉ राहुल राव ने कहा कि पेस्ट कंट्रोल अस्पताल प्रशासन की नियमित एवं आवश्यक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। यह अस्पताल में पहली बार नहीं किया जा रहा है, बल्कि मरीजों, तीमारदारों, कर्मचारियों तथा अस्पताल की परिसंपत्तियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने हेतु यह एक निरंतर प्रक्रिया है।

एमएस ने कहा कि हमारा अस्पताल एक बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें लगभग 9 भवन, मेडिकल कॉलेज के 2 भवन तथा इनके आसपास का विशाल परिसर शामिल है। अस्पताल में लगभग 873 बेड की क्षमता है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों, तीमारदारों एवं कर्मचारियों की आवाजाही रहती है। परिसर के आसपास जंगल एवं हरित क्षेत्र भी हैं। ऐसे बड़े क्षेत्र एवं विशाल मरीज भार वाले चिकित्सा संस्थान में मच्छर, मक्खी, कॉकरोच, चूहे तथा अन्य कीटों का प्रभावी नियंत्रण अस्पताल प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

यह भी उल्लेखनीय है कि देश के प्रमुख एवं प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों, जैसे AIIMS नई दिल्ली, AIIMS बिलासपुर, PGI चंडीगढ़ तथा अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों में भी स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण एवं कीट नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल सेवाएं संचालित की जाती हैं। अतः अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल कोई असामान्य अथवा नई व्यवस्था नहीं, बल्कि बड़े चिकित्सा संस्थानों की आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है।

इसके अतिरिक्त, अस्पताल में करोड़ों रुपये की अत्याधुनिक मशीनरी, मेडिकल उपकरण, विद्युत एवं तकनीकी प्रणालियां तथा अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां उपलब्ध हैं। पेस्ट कंट्रोल का उद्देश्य केवल कीटों को नियंत्रित करना ही नहीं, बल्कि इन महत्वपूर्ण संसाधनों एवं परिसंपत्तियों को कीटों से होने वाले संभावित नुकसान से सुरक्षित रखना भी है। पेस्ट कंट्रोल के संबंध में ₹11,000 प्रति व्यक्ति जैसी खबर प्रसारित की गई है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत एवं भ्रामक है।

अस्पताल प्रशासन द्वारा किसी व्यक्ति को ₹11,000 वेतन देने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वास्तविकता यह है कि पेस्ट कंट्रोल की सेवा कंसोलिडेटेड पैकेज/समग्र सेवा के रूप में नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित कंपनी को प्रदान की गई है। इस पैकेज के अंतर्गत कंपनी अपने स्तर पर आवश्यक कर्मचारियों/मानव संसाधन की व्यवस्था करती है तथा उनके वेतन एवं अन्य मानव संसाधन संबंधी खर्च कंपनी स्वयं वहन करती है। इसी प्रकार पेस्ट कंट्रोल के लिए आवश्यक वाहन, सामग्री, दवाइयां, उपकरण, लॉजिस्टिक एवं अन्य आवश्यक संसाधनों का खर्च भी स्वीकृत पैकेज के अंतर्गत संबंधित कंपनी द्वारा वहन किया जाता है। अतः पूरी टेंडर राशि को किसी एक व्यक्ति की सैलरी अथवा प्रति व्यक्ति भुगतान के रूप में प्रस्तुत करना वास्तविक प्रक्रिया एवं तथ्यों के विपरीत है।

अस्पताल प्रशासन स्पष्ट करना चाहता है कि सभी आउटसोर्स एवं अन्य आवश्यक सेवाएं नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया और स्वीकृत शर्तों के अनुसार संचालित की जाती हैं। अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक संसाधनों का उचित एवं पारदर्शी उपयोग करते हुए 873 बेड वाले इस बड़े चिकित्सा संस्थान में मरीजों, तीमारदारों एवं कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाना है।

हम मीडिया के सभी साथियों से भी अनुरोध करते हैं कि किसी भी विषय को प्रकाशित या प्रसारित करने से पूर्व संबंधित तथ्यों एवं वास्तविक प्रक्रिया की पुष्टि अवश्य करें, ताकि जनता के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। अस्पताल प्रशासन मीडिया एवं आम जनता से सहयोग की अपेक्षा करता है। यह हम सबका अस्पताल है और इसे स्वच्छ, व्यवस्थित, सुरक्षित एवं बेहतर बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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