हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। किन्नौर जिले के पूह उपमंडल के लिप्पा क्षेत्र में गुरुवार सुबह तेज बारिश के बाद पेजर नाले में आई बाढ़ और मलबे के कारण तेती खड्ड का बहाव रुक गया। इसके चलते लिप्पा गांव को जोड़ने वाला करीब 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में डूब गया।
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वहीं, बुधवार को कुल्लू की गड़सा घाटी में बादल फटने से गड़सा नाले में भीषण बाढ़ आ गई। बाढ़ के तेज बहाव में 10 छोटे पुल बह गए, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
यातायात ठप, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की बढ़ी मुश्किलें
पुलों के क्षतिग्रस्त होने और सड़कें बंद होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसका असर न सिर्फ स्थानीय लोगों पर बल्कि पर्यटकों पर भी पड़ा है। राज्य में 10 जुलाई तक बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
शिमला समेत कई इलाकों में भूस्खलन
राजधानी शिमला में गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। हालात को देखते हुए शिमला समेत कई जिलों में शुक्रवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया।
74 सड़कें बंद, बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार देर शाम तक भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 74 सड़कें बंद हो चुकी थीं। इसके अलावा 29 बिजली ट्रांसफॉर्मर (DTR) प्रभावित हुए हैं, जबकि पेयजल आपूर्ति की 5 योजनाएं भी बाधित हो गई हैं। प्रशासन राहत एवं बहाली कार्य में जुटा हुआ है।
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