Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

Shimla: फीस वृद्धि के खिलाफ SFI का बिगुल, HPU में शुरू हुआ छात्र आंदोलन

August 6, 2026

Shimla: फीस वृद्धि के खिलाफ SFI का बिगुल, HPU में शुरू हुआ छात्र आंदोलन

शिमलाः स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा आज विश्वविद्यालय परिसर में फीस वृद्धि के खिलाफ एक व्यापक जनरल बॉडी (GB) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लागू की गई फीस वृद्धि का एकजुट होकर विरोध किया। बैठक में उपस्थित छात्रों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे महंगा बनाकर छात्रों को शिक्षा से वंचित करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि आज से इस छात्र आंदोलन का औपचारिक आगाज़ हो चुका है और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन फीस वृद्धि के अपने फैसले को वापस नहीं लेता। उन्होंने कहा कि एसएफआई विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग, छात्रावास और शिक्षण संस्थान तक पहुंचकर छात्रों को इस आंदोलन से जोड़ेगी और चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन चलाएगी।

मुकेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन फीस वृद्धि को आर्थिक संकट का समाधान बताने की कोशिश कर रहा है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय पर आर्थिक बोझ का कारण छात्र नहीं हैं, बल्कि वर्ष 2020 में हुई कथित फर्जी प्रोफेसर भर्तियां और कथित फर्जी पदोन्नतियां हैं, जिनसे विश्वविद्यालय के वित्त पर भारी बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी इन मामलों को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया है। ऐसे में इन अनियमितताओं की जिम्मेदारी छात्रों पर डालकर फीस वृद्धि करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और छात्र विरोधी कदम है।

उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति को सुधारना है तो प्रशासन को कथित अनियमित भर्तियों, पदोन्नतियों और वित्तीय गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, न कि छात्रों से अधिक फीस वसूलकर उसकी भरपाई करने का प्रयास करना चाहिए। एसएफआई का मानना है कि प्रशासन अपनी नीतिगत विफलताओं और कथित वित्तीय अनियमितताओं का बोझ छात्रों पर नहीं डाल सकता। बैठक में छात्रों ने कहा कि पहले से ही महंगाई और बढ़ते शिक्षा खर्च के कारण गरीब, ग्रामीण, पिछड़े वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे समय में फीस वृद्धि का निर्णय हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा हमला है।

जनरल बॉडी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा तथा फीस वृद्धि के खिलाफ व्यापक छात्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन फीस वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लेता है तो एसएफआई धरना-प्रदर्शन, रैली, हस्ताक्षर अभियान और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के माध्यम से आंदोलन को और तेज करेगी।

बैठक के अंत में छात्रों ने एक स्वर में फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की और शिक्षा के अधिकार तथा सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की लोकतांत्रिक एवं जनपक्षीय व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें