
नाहन : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में शुक्रवार को एक मामूली विवाद ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। यह खूनी संघर्ष शहर के गोविंदगढ़ मोहल्ला और वाल्मीकि बस्ती के लोगों के बीच हुआ। वाल्मीकि चौक के समीप एक क्षतिग्रस्त स्वागत द्वार की मरम्मत को लेकर भड़की चिंगारी ने दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प का रूप अख्तियार कर लिया। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसकी चपेट में आकर डीएसपी रैंक के एक अधिकारी, सदर थाना नाहन के एसएचओ कुलबीर सिंह और एक पुलिसकर्मी सहित कुल 14 लोग घायल हो गए। हिंसा के दौरान कई वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
स्वागत द्वार की मरम्मत को लेकर शुरू हुआ था विवाद :
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वाल्मीकि चौक के पास एक टूट चुके स्वागत द्वार की मरम्मत को लेकर हुई। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी कुछ ही देर में इतनी बढ़ गई कि हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। दोनों ओर से पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों सहित पुलिस बल ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवियों ने पुलिस टीम को भी निशाना बनाते हुए उन पर पथराव कर दिया। इसी बीच वाल्मीकि जी के स्मारक को नुकसान पहुंचाए जाने की अफवाह फैलने के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
घंटों ठप रहा नेशनल हाईवे, लगी वाहनों की लंबी कतारें :
इस हिंसक झड़प का सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। नाहन से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-907ए पर दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर बाद 3 बजे तक वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए। शिमला, पांवटा और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले मार्गों पर गाड़ियों की मीलों लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम यात्रियों और आपातकालीन वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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