नेशनल डेस्क: नागालैंड के सुखोवी इलाके के पास सोमवार को असम राइफल्स के एक वाहन को निशाना बनाकर संदिग्ध आईईडी (IED) विस्फोट किया गया। इस हमले में असम राइफल्स के एक जवान की मौत हो गई, जबकि चार अन्य जवान घायल हो गए।
विस्फोट के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और हमलावरों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया। सुखोवी और आसपास के जंगलों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। अभी तक किसी भी उग्रवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां और फोरेंसिक टीमें विस्फोट की जांच कर रही हैं ताकि हमले की पूरी जानकारी सामने आ सके।
एक हफ्ते से भी कम समय में असम राइफल्स पर दूसरा हमला
पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक सप्ताह से भी कम समय में असम राइफल्स के जवानों पर यह दूसरा हमला है। इससे पहले 6 जुलाई को मणिपुर के उखरुल जिले में असम राइफल्स के एक काफिले पर संदिग्ध आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में 40वीं बटालियन के दो जवान शहीद हुए थे। मारे गए जवानों की पहचान वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन सीएम सिंह के रूप में हुई थी। हमले के दौरान दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पूर्वोत्तर में सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी निभाता है असम राइफल्स
असम राइफल्स भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है और पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बल भारत-म्यांमार सीमा की निगरानी, उग्रवाद विरोधी अभियानों और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करता है। पूर्वोत्तर में लगातार तैनाती के कारण असम राइफल्स के जवान कई बार उग्रवादी संगठनों के निशाने पर रहे हैं।
पिछले साल नवंबर में भी मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में सीमा क्षेत्र में गश्त कर रही असम राइफल्स की टीम पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें चार जवान घायल हुए थे। फिलहाल नागालैंड में हुए IED हमले के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षाबल हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रहे हैं।

