नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मई के मौसम को लेकर राहत भरी खबर दी है। इस साल मई में आमतौर पर पड़ने वाली तेज गर्मी कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, यानी लोगों को भीषण लू और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
IMD का कहना है कि मई के दौरान देश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत भी इसी महीने होने की उम्मीद है। अनुमान है कि मानसून अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 14 से 16 मई के बीच पहुंच सकता है, जो सामान्य समय के करीब है। इससे संकेत मिलता है कि मानसून समय पर आगे बढ़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि ज्यादा देखने को मिल सकती है। अरब सागर से आने वाली नमी इन सिस्टम्स को और मजबूत बना रही है, जिससे बारिश और तूफानी मौसम बढ़ सकता है। IMD के महानिदेशक एम. महापात्र ने कहा कि मई में ऐसे मौसम सिस्टम और सक्रिय रहेंगे।

आंकड़ों के अनुसार, 1971 से 2020 के बीच मई महीने में देशभर में औसत बारिश (LPA) करीब 61.4 मिमी रही है। इस साल भी ज्यादातर इलाकों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। हालांकि, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। कुछ राज्यों में गर्मी का असर फिर भी दिख सकता है। बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में सामान्य से ज्यादा लू वाले दिन रह सकते हैं, करीब 3 से 4 दिन ज्यादा।

IMD के अनुसार, 7 मई तक देश में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। इसके बाद महीने के दूसरे और चौथे हफ्ते में उत्तर-पश्चिम भारत में दिन का तापमान बढ़ सकता है। वहीं 14 से 20 मई के बीच बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।
अगर अप्रैल की बात करें, तो पूरे देश में सामान्य से 11% कम बारिश हुई। हालांकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में कमी देखी गई। बताते चलें कि, इस साल मई में मौसम मिलाजुला रहेगा- कहीं बारिश से राहत मिलेगी, तो कहीं कुछ दिनों के लिए गर्मी का असर बना रह सकता है।
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