India-Japan send a strong message to Pakistan : नई दिल्ली। भारत और जापान ने एक बयान में पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने इसके साथ ही राज्य-समर्थित सुरक्षित ठिकानों और फंडिंग के रास्तों को खत्म करने के लिए तत्काल वैश्विक कार्रवाई की मांग की।
पहलगाम हमले पर भारत-जापान सख्त
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाईची के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद ये बयान जारी किया गया। दोनों देशों ने दक्षिण एशिया में आतंकवाद के बढ़ते खतरे के खिलाफ मजबूत और एकजुट रुख अपनाया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर 22 अप्रैल, 2025 को हुए भयानक आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निगरानी टीम की उस रिपोर्ट का संज्ञान लिया जिसमें ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का हाथ होने की बात कही गई थी।
दिल्ली कार बम धमाके की कड़ी निंदा
दोनों नेताओं ने दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर, 2025 को हुए जानलेवा कार बम धमाके की भी कड़ी निंदा की और मांग की कि इन घिनौनी हरकतों को अंजाम देने वालों, इनकी योजना बनाने वालों और इन्हें आर्थिक मदद देने वालों को बिना किसी देरी के सजा दिलाई जाए। दोनों प्रधानमंत्रियों ने यूएन की लिस्ट में शामिल सभी आतंकवादी संगठनों और उनके सहयोगियों के खिलाफ तुरंत और मिलकर वैश्विक कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने खास तौर पर लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), अल-कायदा और आईएसआईएस का नाम लिया।
टेरर फंडिंग रोकने और सीमा-पार घुसपैठ पर जोर
उन्होंने इस बात पर जिर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को पूरी तरह खत्म करने, टेरर फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय अपराध के बीच के गठजोड़ को तोड़ने और आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने ईस्ट चाइना सी और साउथ चाइना सी में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने ऐसे किसी भी एकतरफा काम का कड़ा और साफ विरोध किया जिससे नेविगेशन और ओवरफ्लाइट की आजादी को खतरा हो, जबरदस्ती से मौजूदा हालात को बदलने की कोशिश हो या इलाके में विवादित जगहों पर बढ़ते मिलिट्रीकरण का विरोध हो।
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