न्यूयॉर्क: भारत ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक स्थिति को लेकर कड़ी आलोचना की। भारत ने कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र कमजोर हो चुका है और वहां सेना को जरूरत से ज्यादा ताकत दी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान अपने लोगों की इच्छा का सम्मान करने का एक “अनोखा तरीका” अपनाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने अपने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डाल दिया। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर पाबंदियां लगाई गईं। लोकतांत्रिक आवाजों को दबाया जा रहा है। भारत ने इसे जनता के जनादेश का अपमान बताया।
सेना को अत्यधिक अधिकार देने का आरोप
राजदूत हरीश ने पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस संशोधन के जरिए पाकिस्तान में एक तरह का “संवैधानिक तख्तापलट” किया गया है। भारत का आरोप है कि इस संशोधन से सेना को बहुत ज्यादा अधिकार मिल गए। सेना प्रमुख आसिम मुनीर को आजीवन छूट (लाइफटाइम इम्युनिटी) जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है।
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जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को भारत ने किया खारिज। भारत ने UNSC में साफ शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है। पाकिस्तान के दावे पूरी तरह अनुचित और बेबुनियाद हैं। इस्लामाबाद का भारत को नुकसान पहुंचाने पर जरूरत से ज्यादा ध्यान है। इमरान खान की जेल और मुकदमों का जिक्र भारत ने बताया कि इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन पर करीब 190 मिलियन यूरो के भ्रष्टाचार मामले में सजा चल रही है। साथ ही, 9 मई 2023 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में उन पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत केस दर्ज हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर PTI की चिंता
इमरान खान की पार्टी PTI ने संयुक्त राष्ट्र की यातना पर विशेष दूत एलिस जिल एडवर्ड्स की रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अदियाला जेल में इमरान खान के साथ अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया। PTI ने इस पर गंभीर चिंता जताई है।
27वां संवैधानिक संशोधन क्या है?
भारत ने जिस 27वें संशोधन का जिक्र किया, उसके तहत पाकिस्तान में बड़े बदलाव किए गए हैं। इस संशोधन में कुल 59 धाराएं शामिल हैं, सेना और न्यायपालिका की संरचना में बदलाव, एक नया फेडरल कॉन्स्टीट्यूशनल कोर्ट (FCC) बनाया गया, यह कोर्ट संविधान से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के साथ अधिकार साझा करेगा।
सेना प्रमुख को नया पद और आजीवन टाइटल
संशोधन के तहत पाकिस्तान के आर्मी चीफ को अब चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज कहा जाएगा। फील्ड मार्शल, एयर फोर्स मार्शल और एडमिरल ऑफ द फ्लीट जैसे पद आजन्म सम्मानजनक टाइटल रहेंगे।
भारत का साफ संदेश
UNSC में भारत ने साफ कर दिया कि लोकतंत्र, कानून और जनता की इच्छा का सम्मान जरूरी है। किसी भी देश में सेना को संविधान से ऊपर नहीं रखा जा सकता। पाकिस्तान को पहले अपने आंतरिक हालात सुधारने चाहिए।
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