नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को ढाका में स्थित भारतीय मिशन की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया। भारत सरकार ने दिल्ली में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर एम. रियाज हमीदुल्ला को विदेश मंत्रालय में तलब किया। यह कदम ढाका में भारतीय मिशन के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बाद उठाया गया।
बांग्लादेश के हाई कमिश्नर को क्यों बुलाया गया
भारत ने यह कार्रवाई नेशनल सिटिजन्स पार्टी (NCP) के नेता हसनात अब्दुल्ला के भारत-विरोधी बयानों के बाद की। हसनात अब्दुल्ला ने एक सार्वजनिक भाषण में भारत को लेकर गंभीर और भड़काऊ बयान दिए थे। उन्होंने धमकी दी थी कि अगर बांग्लादेश में हालात अस्थिर होते हैं, तो भारत के सात पूर्वी राज्यों (सेवन सिस्टर्स) को अलग-थलग किया जाएगा और उत्तर-पूर्व के अलगाववादी तत्वों को शरण दी जाएगी। भारत ने इन बयानों को बेहद गैर-जिम्मेदाराना और उकसाने वाला बताया है।
#WATCH | Delhi | Bangladesh High Commissioner leaves from the Ministry of External Affairs after a meeting on the security of the Indian High Commission in Dhaka, after a threat was received https://t.co/gn8ffQ1txb pic.twitter.com/kXNrBEw1zx
— ANI (@ANI) December 17, 2025
विदेश मंत्रालय ने क्या चिंता जताई
विदेश मंत्रालय ने बैठक के बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, खासतौर पर ढाका में भारतीय मिशन के आसपास। बयान में यह भी कहा गया कि कुछ चरमपंथी तत्व खुले तौर पर भारतीय मिशन की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की बातें कर रहे हैं, जो भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
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झूठे नैरेटिव पर भारत की सख्त प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि हाल की घटनाओं को लेकर कुछ चरमपंथी समूह झूठी कहानियां और गलत प्रचार फैला रहे हैं, जिन्हें भारत पूरी तरह खारिज करता है। भारत ने यह भी कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अब तक इन घटनाओं की पूरी जांच नहीं की है और न ही भारत के साथ कोई ठोस सबूत साझा किए हैं। भारत ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
विजय दिवस के बाद बढ़ी भारत-बांग्लादेश के बीच तल्खी
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही बांग्लादेश विजय दिवस मनाया गया था। विजय दिवस बांग्लादेश की आज़ादी और 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की याद में मनाया जाता है। भारत ने बांग्लादेश की आज़ादी में अहम भूमिका निभाई थी। इस मौके पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बांग्लादेश को बधाई भी दी थी।
हाई कमिश्नर ने भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर क्या कहा
मंगलवार को दिल्ली स्थित बांग्लादेश दूतावास में विजय दिवस के अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हाई कमिश्नर एम. रियाज हमीदुल्ला ने कहा कि बांग्लादेश अपने लोगों, खासकर युवा पीढ़ी की उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते आपसी फायदे पर आधारित हैं। दोनों देशों का लक्ष्य शांति, समृद्धि और क्षेत्रीय सुरक्षा है। दोनों देश एक-दूसरे पर निर्भर हैं और उनकी साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है
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