मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-यूके के बीच व्यापार समझौता दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझा विकास और समृद्धि रोडमैप है। यह मार्केट एक्सेस के साथ दोनों देशों के एमएसएमई को मजबूती देगा और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा। देश की आर्थिक राजधानी में भारत-यूके सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 56 अरब डॉलर का है। हमने 2050 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुझे विश्वास है कि हम इस लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले ही हासिल कर लेंगे। भारत राजनीतिक स्थिरता और व्यापक मांग प्रदान करता है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और वित्त से लेकर फार्मास्यूटिकल्स तक, यहां हर क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं।”
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— Narendra Modi (@narendramodi) October 9, 2025
हमारी अर्थव्यवस्था सुधारों की राह पर है
पीएम ने महत्वपूर्ण सेक्टर्स में भारत की बढ़ती क्षमता का जिक्र करते हुए कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था सुधारों की राह पर है और स्थिरता एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।” प्रधानमंत्री ने भविष्य के व्यापार और विकास के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक सेक्टर्स के रूप में रेयर अर्थ मिनरल के महत्व पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम इन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेंगे, क्योंकि ये हमारे औद्योगिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी और अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर ने संयुक्त रूप से सीईओ फोरम में भाग लिया, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक और वित्तीय नेता एक साथ आए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों के उद्योग जगत के नेताओं और नीति निर्माताओं के अथक प्रयासों की बदौलत भारत और ब्रिटेन ने व्यापार और आर्थिक सहयोग की एक मजबूत नींव रखी है।
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भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र राजभवन में प्रधानमंत्री स्टारमर से मुलाकात के बाद कहा, “भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं। हमारी बढ़ती साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत और पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर विचारों का आदान-प्रदान किया और बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्षरत क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए समर्थन की पुष्टि की।