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भारतीय रेलवे ने यूवी कीटाणुशोधन, गुणवत्ता के साथ-साथ बिस्तरों की भी स्वच्छता को बढ़ाया

November 30, 2024

भारतीय रेलवे ने यूवी कीटाणुशोधन, गुणवत्ता के साथ-साथ बिस्तरों की भी स्वच्छता को बढ़ाया

फिरोजपुर: भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए रेलवे बोर्ड द्वारा एक स्पष्ट नीति बनाई गई है। वर्ष 2010 में कंबलों की सफाई का समय 3 महीने से घटाकर 2 महीने किया गया था और वर्ष 2016 से इसे और घटाकर 15 दिन कर दिया गया है। लॉजिस्टिक-चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में इसे बढ़ाकर 20 से 30 दिन किया जा सकता है।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उत्तर रेलवे पर चलने वाली सभी ट्रेनों में एसी श्रेणी के कोचों में स्वच्छ, स्वास्थ्यकर और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रत्येक उपयोग के बाद सभी चादरों और तकिए के कवर को मशीनीकृत लॉन्ड्री में धोया और इस्त्री किया जाता है ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल उपलब्ध कराए जा सकें और उनकी आरामदायक, स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।

हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इससे पहले कंबलों की धुलाई 2010 में 3 महीने में एक बार की जाती थी, उस अवधि को 2010 से घटाकर 2 महीने में एक बार और वर्तमान में 15 दिनों में एक बार किया जाता है। रेलवे प्रत्येक यात्री को एसी कोच में 02 चादरें उपलब्ध कराता है, जिसमें से एक सीट पर बिछाने के लिए और दूसरा कंबल कवर के रूप में उपयोग करने के लिए दिया जाता है। इसके अलावा एसी कोच का तापमान भी 24 के आसपास रखा जाता है ताकि कंबल की जरूरत न पड़े और चादर ही पर्याप्त रहे। उत्तर रेलवे ने प्रायोगिक तौर पर रांची राजधानी में उच्च गुणवत्ता वाले बेड रोल देना शुरू किया था। अब उत्तर रेलवे द्वारा संचालित राजधानी, दुरंतो और एसी स्पेशल ट्रेनों में उच्च गुणवत्ता वाले बेड रोल दिए जा रहे हैं। हाल ही में उत्तर रेलवे ने ट्रेन संख्या 12424 नई दिल्ली – डिब्रूगढ़ राजधानी में अल्ट्रा वॉयलेट कंबल कीटाणुशोधन किया इसमें उत्तर रेलवे को 99.7% सफलता मिली।

उत्तर रेलवे पर बेडरोल की अनुपलब्धता और गंदे या फटे बेडरोल की शिकायतों में लगातार कमी आ रही है। इसके साथ ही चादरें और कंबल भी कुछ समय बाद बदल दिए जाते हैं और नए लिनन सेट खरीदे जाते हैं। मैकेनाइज्ड लॉन्ड्रियों में सफाई के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का भी इस्तेमाल किया जाता है और सीसीटीवी और कर्मचारियों द्वारा लगातार निगरानी की जाती है। धुले हुए कपड़ों की गुणवत्ता की जांच के लिए व्हाइटोमीटर का इस्तेमाल किया जाता है।

उत्तर रेलवे मुख्यालय और मंडल स्तरीय रेल मदद पर बेडरोल सहित प्राप्त शिकायतों की निगरानी के लिए वॉर रूम स्थापित किए गए हैं, जो 24×7 यात्रियों की शिकायतों और फीडबैक की लगातार निगरानी करते हैं। रेलवे यात्रियों की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है।

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